दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को उपराज्यपाल ने एक और तगड़ा झटका दिया है. उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताओं और फर्जी शिक्षकों के वेतन भुगतान में धन के गबन के आरोपों की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी.
उपराज्यपाल ने स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन को लेकर मांगी रिपोर्ट
उपराज्यपाल वी के सक्सेना सचिवालय ने मुख्य सचिव को, निदेशक (शिक्षा) को सलाह देने के लिए कहा है कि वह अपने स्कूलों में दिल्ली सरकार द्वारा नियुक्त सभी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, उपस्थिति और वेतन की निकासी संबंधी जानकारियों को तुरंत सत्यापित करें. इस बाबत स्थिति रिपोर्ट एक माह के भीतर सौंपने को कहा गया है.
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उपराज्यपाल ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में हुए घोटाले पर जतायी चिंता
उपराज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव को भेजे गए नोट में कहा, उपराज्यपाल ने पाया है कि फर्जी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और धन गबन के मामले गंभीर चिंता का विषय हैं और यह प्रधानाचार्य/उप प्रधानाचार्य/लेखा कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकता. उपराज्यपाल सक्सेना ने हाल में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को दिल्ली सरकार के एक स्कूल के चार उप-प्रधानाचार्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने की अनुमति दी थी. इन पर फर्जी अतिथि शिक्षकों के माध्यम से कथित धन घोटाले का आरोप है.
दिल्ली सरकार का शिक्षा मॉडल पतन की ओर: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि दिल्ली सरकार का शिक्षा मॉडल अब पतन की ओर है जिसे वैश्विक मानकों का बताया गया था. दिल्ली की भाजपा इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों में बुनियादी संरचना की कमी है जिसे यमुना पार क्षेत्र के खजूरी खास में स्थिति स्कूलों की हालत देखकर समझा जा सकता है. गुप्ता ने दिल्ली सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का भी आरोप लगाया और दावा किया कि आप के एक कार्यकर्ता को सैनिक स्कूल के संचालन का ठेका दिया गया. दिल्ली में सशस्त्र बल आर्म्ड फोर्सेस प्रिपेरेटरी स्कूल का उद्घाटन अगस्त में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया था.
