Defense: सैन्य थियेटर कमांड के लिए नये कानून की अधिसूचना जारी

अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम 2023 के तैयार नियमों को बुधवार को अधिसूचित कर दिया. इस अधिसूचना के जारी होने के बाद थियेटर कमांड के तहत काम करने वाले कमांडरों को अधीनस्थों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है. इस कदम का मकसद अंतर-सेवा संगठनों (आईएसओ) की प्रभावी कमान, नियंत्रण और कुशल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है

Defense: अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम 2023 के तैयार नियमों को बुधवार को अधिसूचित कर दिया. इस अधिसूचना के जारी होने के बाद थियेटर कमांड के तहत काम करने वाले कमांडरों को अधीनस्थों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है. इस कदम का मकसद अंतर-सेवा संगठनों (आईएसओ) की प्रभावी कमान, नियंत्रण और कुशल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है जिससे सशस्त्र बलों के बीच एकजुटता मजबूत होगी. इस विधेयक को वर्ष 2023 के मॉनसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था और 15 अगस्त, 2023 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली. 8 मई, 2024 के राजपत्र अधिसूचना के अनुसार यह अधिनियम 10 मई, 2024 से लागू हो गया. 

यह अधिनियम आईएसओ के कमांडर-इन-चीफ और ऑफिसर-इन-कमांड को अपने अधीन सेवारत सेवा कर्मियों पर नियंत्रण रखने का अधिकार देता है जिससे संगठनों के भीतर अनुशासन और प्रशासन सुनिश्चित होता है. यह सशस्त्र बलों की प्रत्येक शाखा पर लागू विशिष्ट सेवा शर्तों में बदलाव किए बिना हासिल किया जाता है. अधिनियम की धारा 11 के तहत  तैयार किए गए नए अधिसूचित अधीनस्थ नियमों का उद्देश्य, कानून में निर्धारित प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुगम बनाना है. यह नियम आईएसओ के कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है और अनुशासन, प्रशासनिक नियंत्रण और परिचालन तालमेल के लिए एक व्यापक ढांचा स्थापित करते है.

लंबे समय में सुधार की मांग हुई पूरी

देश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति के बाद से ही इस कानून को बनाने की मांग हो रही थी. तीनों सेनाओं में समन्वय बनाने के लिए सरकार की ओर से थियेटर कमांड के गठन का काम अंतिम चरण में है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा होने की संभावना है. नये कानून बनने से एक अधिकारी की तीनों सेनाओं के बने कमांड पर नियंत्रण होगा. इससे कमांड का कामकाज बेहतर तरीके से हो सकेगा. यह सुधार रक्षा मंत्रालय की ओर से 24 साल पहले बने अंडमान-निकोबार कमांड के गठन के बाद लिया गया है. मौजूदा समय में तीनों सेनाओं के कर्मियों के लिए अलग-अलग कानून हैं. अगर नया नियम नहीं बनाया जाता तो थियेटर कमांड के तहत काम करने वाले अधिकारी अपने नियमों के तहत काम करते. ऐसे में बेहतर समन्वय के लिए नया कानून बनाया गया है ताकि थियेटर कमांड के तहत काम करने वाले सभी कर्मियों के लिए एक कानून हो. 

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Author: Vinay Tiwari

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