Defense: भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा उत्पादन बढ़ाने पर बनी सहमति

दुबई के क्राउन प्रिंस, उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद राशिद अल मख्तूम की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने मौजूदा रक्षा सहयोग को लेकर खुशी जाहिर की. मौजूदा समय में सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग प्रोग्राम का आदान-प्रदान और संस्थागत रक्षा सहयोग हो रहा है. दोनों नेताओं ने व्यापार और उद्योग जगत में बढ़े सहयोग के स्तर पर रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया.

Defense: संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर मंगलवार को अहम बैठक हुई. दुबई के क्राउन प्रिंस, उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद राशिद अल मख्तूम की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने मौजूदा रक्षा सहयोग को लेकर खुशी जाहिर की. मौजूदा समय में सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग प्रोग्राम का आदान-प्रदान और संस्थागत रक्षा सहयोग हो रहा है. दोनों नेताओं ने व्यापार और उद्योग जगत में बढ़े सहयोग के स्तर पर रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के सोच के आधार पर दोनों देशों के बीच रिश्ता मजबूत होना चाहिए. बैठक में तय किया गया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आदान-प्रदान करेंगे ताकि दोनों देश एक-दूसरे के रक्षा इकोसिस्टम को समझ कर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूती प्रदान कर सकें. दोनों देशों के बीच कोस्ट गार्ड टू कोस्ट गार्ड सहयोग पर संतोष जताते हुए इसे और मजबूत करने के एमओयू पर जोर दिया गया. 


रक्षा उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग के बीच नजदीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. तय किया गया कि आने वाले समय में रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जायेगा. अब दोनों देश डिफेंस एक्सपो में सक्रिय भागीदारी अदा करेंगे और इससे दोनों देशों के रक्षा कंपनियों के बीच संयुक्त उपक्रम स्थापित करने में मदद मिलेगी. मेक इन इंडिया और मेक इन अमीरात को बढ़ावा दिया जायेगा. बैठक की जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक सामरिक साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी.

आने वाले समय में रक्षा सहयोग, रक्षा उत्पादन को दोनों देश मिलकर आगे ले जाने का काम करेंगे. दोनों देश क्षेत्र में शांति और वैभव लाने के लिए मिलकर काम करेंगे. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के लिए 2003 में एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया था, जबकि रक्षा उद्योग में सहयोग के लिए वर्ष 2017 में एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ. 

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Author: Vinay Tiwari

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