महाराष्ट्र में तेजी से फैल रहा खतरनाक लंपी वायरस, अब तक 22 जिलों के पशु आ चुके हैं गंभीर रोग की चपेट में

महाराष्ट्र पशुपालन आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को बताया कि आज तक 22 जिलों के कुल 396 गांवों में लंपी रोग के मामले सामने आए हैं. पशुओं के इस खतरनाक वायरस के संक्रमण की चपेट में आने से अब तक कुल 56 संक्रमित जानवरों की मौत हो चुकी है.

मुंबई/नई दिल्ली : कोरोना महामारी के दौरान लगातार दो साल से अधिक समय तक संक्रमण का हॉटस्पॉट रह चुके महाराष्ट्र में अब जानवरों के अंदर जानलेवा गंभीर लंपी रोग फैलाने वाला वायरस तेजी से फैल रहा है. आलम यह कि राजस्थान के रास्ते पाकिस्तान से आने वाला जानवरों में लंपी रोग फैलाने वाला खतरनाक वायरस गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में अपना कहर बरपाने के बाद अब दिल्ली और महाराष्ट्र तक पहुंच गया है. बताया यह जा रहा है कि अकेले महाराष्ट्र के करीब 22 जिलों में जानवरों में लंपी रोग फैलाने वाला खतरनाक वायरस फैल चुका है. महाराष्ट्र पशुपालन आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को बताया कि आज तक 22 जिलों के कुल 396 गांवों में लंपी रोग के मामले सामने आए हैं. पशुओं के इस खतरनाक वायरस के संक्रमण की चपेट में आने से अब तक कुल 56 संक्रमित जानवरों की मौत हो चुकी है.

ठाणे में 14 जानवरों में फैला लंपी रोग

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कम से कम 14 जानवरों में लंपी रोग (एलएसडी) का पता चला है. ठाणे के जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर ने जिले को एक ‘नियंत्रित क्षेत्र’ घोषित किया है और इस वायरस के संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए जिले से जानवरों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है. आधिकारिक बयान के मुताबिक, अंबरनाथ, शाहपुर और भिवंडी क्षेत्रों में इस बीमारी का पता चला. बयान के अनुसार, ठाणे जिला परिषद ने एलएसडी रोधी टीके की 10,000 खुराक की मांग की है और तीन तहसीलों में अब तक 5,017 मवेशियों को टीका लगाया जा चुका है.

नांदेड़ प्रशासन ने पशु बाजार पर लगायी रोक

जानवरों में फैल रहे लंपी रोग के मद्देनजर महाराष्ट्र के नांदेड़ जिला प्रशासन ने पशुओं का बाजार लगाने पर रोक लगा दी है. नांदेड़ के जिलाधिकारी खुशाल सिंह परदेशी ने अगले आदेशों तक मवेशियों को आपस में एक दूसरे के साथ मिलाने पर भी पाबंदी लगा दी है. यहां तक कि जिले में मवेशियों की दौड़ भी नहीं की जा सकती. एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अन्य उपायों के तहत मवेशियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं ले जाया जा सकता है तथा लंपी चर्मरोग से संक्रमित जानवरों को नियमित बाजारों में नहीं लाया जा सकता है.

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दिल्ली में लंपी रोग के 54 नये मामले सामने आए

दिल्ली में लंपी रोग के 54 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 24 मवेशी संक्रमण से उबर गए हैं. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि संक्रमित मवेशियों की संख्या बढ़कर 203 हो गई. दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) संक्रमित मवेशियों को पृथक करने में उनसे सहयोग नहीं कर रहा. उन्होंने कहा कि यह विषय बुधवार को आला अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा. राष्ट्रीय राजधानी में लंपी त्वचा रोग के ज्यादातर मामले दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले में सामने आए हैं. केंद्र के मुताबिक, यह रोग गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में फैल गया है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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