Cyclone Tracker : चक्रवात ‘मोंथा’ मचाएगा तांडव, इन राज्यों में होगी बारिश, अलर्ट जारी

Cyclone Tracker : बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘मोंथा’ तेज हो रहा है, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बढ़ चुका है. दोनों राज्यों में शाम तक संभावित लैंडफाल से पहले लोगों की निकासी तेज कर दी गई है. चक्रवात का जानें ताजा अपडेट.

Cyclone Tracker : बंगाल की खाड़ी में उठ रहा चक्रवात ‘मोंथा’ तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलर्ट जारी कर दिया गया है. काकीनाडा के पास इसके टकराने की संभावना है. चक्रवात की रफ्तार करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. तटीय इलाकों में पहले से ही तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चल रही हैं. प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है.

चक्रवात ‘मोंथा’ की वजह से बिगड़ा मौसम

चक्रवात ‘मोंथा’ के असर से पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में मौसम बिगड़ गया है. इसके चलते आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है.

मछलीपट्टनम और कालींगपट्टनम के बीच से गुजर सकता है चक्रवात ‘मोंथा’

आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही तमिलनाडु और पुडुचेरी में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है. IMD के अनुसार, चक्रवात ‘मोंथा’ के एक ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ में बदलने की संभावना है. यह 28 अक्टूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश तट के मछलीपट्टनम और कालींगपट्टनम के बीच से गुजर सकता है.

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बारिश का अलर्ट

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 28 से 30 अक्टूबर के बीच मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने चंद्रपुर, गढ़चिरोली, वर्धा, वाशीम, यवतमाल, भंडारा, गोंदिया और नागपुर के कुछ हिस्सों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. इन इलाकों में बिजली गिरने, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. नागपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिक प्रवीण कुमार ने बताया कि चक्रवात ‘मोंथा’ बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य क्षेत्र से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है.

यह भी पढ़ें : Aaj Bihar Ka Mausam: बिहार पर ‘मोंथा’ का साया! 110 किमी की रफ्तार से बढ़ रहा तूफान, 30-31 अक्टूबर को भारी बारिश और ठंड बढ़ने का अलर्ट

बिहार–झारखंड के अलावा इन राज्यों में बारिश के आसार

अन्य कई राज्यों में बारिश के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है. इनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक, केरल, राजस्थान और गोवा शामिल हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 30 और 31 अक्टूबर को बिहार के कई जिलों में तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. इसके असर से तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ने लगेगी. विभाग के अनुसार 28 से 31 अक्टूबर तक झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है. रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा और पलामू समेत कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >