भुवनेश्वर/कोलकाता: चक्रवाती तूफान ‘असानी’ (Asani Cyclone) कमजोर पड़ चुका है. असानी चक्रवात के असर से ओड़िशा में बुधवार को भारी बारिश हुई. सबसे ज्यादा वर्षा खुर्दा जिला में दर्ज की गयी. गजपति और नायगढ़ में भी जमकर वर्षा हुई. केंदुझार जिला के घासीपुरा ब्लॉक में 72.3 मिलीमीटर वर्षा हुई. पुरी जिला के कनास प्रखंड में 56 मिमी वर्षा हुई. ओड़िशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर प्रदीप कुमार जेना ने यह जानकारी दी.
काकीनाड़ा से बंगाल की खाड़ी में होगी ‘असानी’ की वापसी
श्री जेना ने बताया कि बुधवार को आधी रात के बाद ‘असानी’ आंध्रप्रदेश के काकीनाड़ा से वापस बंगाल की खाड़ी की ओर मुड़ेगा. इसलिए ओड़िशा में बहुत ज्यादा मुश्किल हालात नहीं होंगे. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर तक रहेगी. हां, ओड़िशा में कुछ जगहों पर एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है.
इधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि आंध्रप्रदेश के तट पर पहुंचने के बाद डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया है. इससे पहले कहा गया था कि चक्रवात ‘असानी’ के कारण ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि भीषण चक्रवात ‘असानी’ बुधवार को एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होते हुए उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश की ओर बढ़ गया. इस दौरान क्षेत्र में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं.
विभाग के अनुसार, चक्रवात के बृहस्पतिवार तक और कमजोर पड़ने और एक निम्न दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने राष्ट्रीय बुलेटिन में बताया, ‘इसके अगले कुछ घंटों में उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है. बुधवार को दोपहर से शाम के बीच इसके एक बार फिर जोर पकड़ने और नरसापुर, यानम, काकीनाड़ा, तुनी तथा विशाखापत्तनम तटों के साथ उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर धीरे-धीरे बढ़ने और रात में उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समा जाने की संभावना है.’
ओड़िशा सरकार ने 5 दक्षिणी जिलों मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गंजाम और गजपति में ‘हाई अलर्ट’ की घोषणा कर रखी थी. इन इलाकों में चक्रवात का असर दिखने की आशंका है, जो ओड़िशा से लगभग 200 किलोमीटर दूर काकीनाड़ा और विशाखापत्तनम के बीच पहुंच सकता है.
