सोनिया गांधी के 'वंदे मातरम' वीडियो पर छिड़े विवाद पर केसी वेणुगोपाल ने इसे कम्युनिकेशन गैप करार दिया. उन्होंने कहा, "यह अध्याय अब समाप्त हो चुका है. वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस पार्टी के लिए भावनात्मक विषय हैं, जबकि बीजेपी के लिए यह महज राजनीति का जरिया है. 1937 में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने राष्ट्रगीत को लेकर जो निर्णय लिया था, हमारी पार्टी आज भी उसी पर कायम है और कार्यकर्ता उसी का पालन करेंगे."
1937 की कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) बैठक में वंदे मातरम पर क्या लिया गया था फैसला?
1937 में कोलकाता में आयोजित 'कांग्रेस कार्यसमिति' (CWC) की बैठक में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे नेताओं ने वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो छंदों को ही राष्ट्रीय कार्यक्रमों में गाने का निर्णय लिया था. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित मूल 'वंदे मातरम' के बाद के छंदों में हिंदू देवियों का उल्लेख है. नेताओं का मानना था कि बाद के छंदों से गैर-हिंदू समुदायों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं.
जनगणना में OBC कॉलम न होने पर जताया विरोध
जनगणना के सवालों में OBC कॉलम के गायब होने पर कांग्रेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है. वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा लिखे गए पत्र के बावजूद स्थिति साफ नहीं की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा जातिगत जनगणना की मूल भावना को कमजोर करना और जनता को गुमराह करना है. कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांगेगी.
800 शहरों में चलेगा 'छात्रों की गूंज' अभियान, मुख्यमंत्रियों से मांगी रिपोर्ट
जयराम रमेश ने बताया कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए शुरू किया गया 'छात्रों की गूंज' अभियान अब देश भर के 800 शहरों और कस्बों में आयोजित किया जाएगा. कोटा, देहरादून और प्रयागराज के बाद यह पुणे में आयोजित होगा, जिसमें राहुल गांधी स्वयं शिरकत करेंगे. इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने अपनी चार राज्यों की सरकारों के मुख्यमंत्रियों को एक महीने के भीतर राज्य की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
राम मंदिर ट्रस्ट गबन मामले की SC निगरानी में जांच की मांग
राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे में कथित गबन के मामले पर जयराम रमेश ने कहा कि यह सिर्फ उत्तर प्रदेश का मामला नहीं, बल्कि पूरे देश से जुड़ा विषय है. उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पर चुप्पी तोड़ने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की अपील की. कांग्रेस इस कथित घोटाले के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी.
