RSS चीफ भागवत के बयान पर CPI(M) का हमला: बालगोपाल बोले-BJP की जमीन खिसक रही है, इसलिए बदले सुर

केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन जी' व 'जेन अल्फा' से संवाद को लेकर BJP और RSS पर निशाना साधा. उन्होंने इस संवाद को राजनीतिक मजबूरी करार दिया है. बालगोपाल ने कहा कि युवाओं के मुद्दों को पहले नजरअंदाज किया गया और अब बढ़ता असंतोष देखकर सरकार व RSS रुख बदल रहे हैं.

RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन जी' (नई पीढ़ी) व 'जेन अल्फा' के साथ संवाद को लेकर केरल के वित्त मंत्री और CPI(M) नेता के एन बालगोपाल ने BJP और RSS पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अब BJP और RSS युवाओं की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें महसूस हो गया है कि जनता के बीच उनकी पकड़ कमजोर पड़ रही है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव राजनीतिक मजबूरी का परिणाम है, न कि युवाओं के प्रति वास्तविक चिंता.

युवाओं की मांगों को पहले किया गया नजरअंदाज

CPI(M) नेता बालगोपाल ने आरोप लगाया कि लंबे समय से युवा रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने कहा कि जब इन मुद्दों पर चर्चा का समय था, तब सरकार समाधान के बजाय चुप्पी साधे रही. अब जब युवाओं का असंतोष बढ़ रहा है, तब सरकार और RSS दोनों अपने रुख में बदलाव दिखा रहे हैं.

 RSS प्रमुख मोहन भागवत ने साफ कहा कि यदि Gen Z किसी आंदोलन में हिस्सा लेती है तो उसे देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह हमारी अपनी अगली पीढ़ी है और उनके साथ अपनापन व सम्मान का रिश्ता होना चाहिए. संवाद तभी सफल होगा जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात समझने और सुनने के लिए तैयार हों. उन्होंने कहा कि उनके अनुसार आज की Gen Z और Gen Alpha मौजूदा पीढ़ी से अधिक ईमानदार है. इस पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति निष्ठा, देशभक्ति और सेवा की भावना मजबूत होनी चाहिए.

पुरानी घटनाओं से जोड़ा मौजूदा विवाद

CPI(M) नेता बालगोपाल ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के विभिन्न आंदोलनों ने केंद्र सरकार को लगातार घेरा है. कई राज्यों में छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किए, लेकिन विपक्ष का आरोप रहा कि उनकी मांगों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया. अब RSS प्रमुख का युवाओं से संवाद उसी बढ़ते दबाव का परिणाम माना जा रहा है.

नीति बदले बिना नहीं बनेगी बात

CPI(M) नेता बालगोपाल ने कहा कि केवल बयान देने या संवाद करने से स्थिति नहीं बदलेगी. यदि सरकार वास्तव में युवाओं का भरोसा जीतना चाहती है तो उसे रोजगार, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर ठोस नीतिगत फैसले लेने होंगे. उन्होंने दावा किया कि देशभर में युवाओं के आंदोलनों को व्यापक समर्थन मिल रहा है और सरकार को राजनीतिक संदेशों के बजाय वास्तविक बदलाव पर ध्यान देना चाहिए.


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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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