CP Radhakrishna: सीपी राधाकृष्णन बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के सभापति का ग्रहण किया पदभार

CP Radhakrishna: चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार राष्ट्रपति भवन में एक संक्षिप्त समारोह में राधाकृष्णन को शपथ दिलाई. इस मौके पर पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद थे.

CP Radhakrishna: चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने देश के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ शुक्रवार को ली. राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राधाकृष्णन को शपथ दिलाई. उनका सितंबर 2030 तक होगा. लाल कुर्ता पहने राधाकृष्णन ने ईश्वर के नाम पर अंग्रेजी में पद और गोपनीयता की शपथ ली. राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी. जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के कारण यह चुनाव हुआ था. वहीं शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ भी शामिल हुए. उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद वह पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए.

कई नेता मंत्री शपथ ग्रहण में थे मौजूद

सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में कई नेता और मंत्री मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समारोह में पहली पंक्ति में बैठे थे. शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी उपस्थित थे. कार्यक्रम में जगदीश धनखड़ की पत्नी सुदेश धनखड़ भी मौजूद थीं. पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था. राधाकृष्णन 11 सितंबर 2030 तक इस पद पर बने रहेंगे. वह इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने वाले तमिलनाडु के तीसरे नेता हैं.

राज्यसभा के सभापति के रूप में ग्रहण किया पदभार

सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राज्यसभा के सभापति के रूप में भी पदभार ग्रहण किया. राधाकृष्णन ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, जहां राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उनका स्वागत किया. उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर घोषणा की कि राधाकृष्णन 12 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद पर आसीन हो गए हैं इससे पहले, राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के तुरंत बाद राजघाट गए और महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की.उन्होंने सदैव अटल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और किसान घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह को भी श्रद्धांजलि दी.

राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत

राधाकृष्णन इससे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में सेवा दे रहे थे. बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था. उन्होंने जीत के बाद कहा था कि दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर यह विजय विचारधारा की जीत है. उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प भी लिया। है. राधाकृष्णन ने 452 वोट हासिल करके उपराष्ट्रपति चुनाव जीता, जबकि विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले. (इनपुट- भाषा)

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Author: Pritish Sahay

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