कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत ने काफी हद तक सफलता हासिल कर ली है यही वजह है कि देश में ना सिर्फ संक्रमण के मामले घटे हैं, बल्कि रिकवरी रेट भी 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है, इसका श्रेय कोरोना के खिलाफ उचित व्यवहार, उचित इलाज और वैक्सीनेशन को जाता है. कोरोना की दूसरी लहर ने जिस तरह देश में बर्बादी मचाई उसके बाद सरकार ने वैक्सीनेशन अभियान को युद्धस्तर पर चलाया है ताकि कोरोना को परास्त किया जा सके.
34 करोड़ के पास पहुंचा टीकाकरण
गुरुवार शाम सात बजे तक देश में टीकाकरण की कुल संख्या लगभग 34 करोड़ (33,96,28,356) पहुंच गयी है. गुरुवार को एक दिन में 38.17 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन दिया गया. इसमें कोरोना वैक्सीन का एक डोज और दोनों डोज लेने वाले व्यक्ति शामिल हैं. वहीं 18-44 साल तक के 9.61 करोड़ लोगों को टीका दिया जा चुका है. यह आंकड़ा भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है.
देश में कोरोना टीका का एक डोज लेने वालों की संख्या 27 करोड़ 90 लाख 72 हजार 435 है, जबकि दोनों डोज लेने वालों की संख्या छह करोड़ पांच लाख 55 हजार 921 है. 45 साल के अधिक के लोगों में एक डोज लेने वालों की संख्या आठ करोड़ 91 लाख से अधिक है जबकि दोनों डोज लेने वालों की संख्या एक करोड़ 68 लाख 22 हजार पांच है.
दिसंबर तक सौ करोड़ से ज्यादा लोगों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य
गौरतलब है कि देश में कोरोना को शिकस्त देने के लिए यह लक्ष्य रखा गया है कि दिसंबर 2021 तक देश में सौ करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य है. हालांकि अभी जिस रफ्तार से टीकाकरण चल रहा है और टीकों की उपलब्धता की जो स्थिति है उसमें ऐसा संभव प्रतीत नहीं हो रहा है कि यह लक्ष्य पूरा होगा.
टीकाकरण में तीन वैक्सीन का प्रयोग
अभी देश में तीन वैक्सीन दिया जा रहा है कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पूतनिक वी. इसके अलावा मॉडर्ना वैक्सीन को भी मंजूरी दे दी गयी है और उम्मीद है कि जल्दी ही फाइजर वैक्सीन भी भारत आ जायेगा.
बच्चों का वैक्सीनेशन अगस्त से संभव
देश में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कोवैक्सीन ने बच्चों के वैक्सीन के थर्ड फेज का क्लिनिकल ट्रॉयल शुरू कर दिया है. उम्मीद है कि अगस्त से बच्चों का भी टीकाकरण शुरू कर दिया जायेगा.
Also Read: स्पूतनिक लाइट के तीसरे चरण के परीक्षण को इंडिया ड्रग रेगुलेटरी बॉडी ने नहीं दी अनुमति
Posted By : Rajneesh Anand
