चार हफ्तों में खत्‍म हो जाएगा कोरोना वायरस (Coronavirus)!, चीनी वैज्ञानिक का दावा

चीन के सबसे महान वैज्ञानिक डॉ जोंग नानशान (Zhong Nanshan) ने कहा कि अप्रैल महीने के अंत तक कोरोना वायरस खत्म होने लगेगा. चीन के एक टीवी चैनल में दिए इंटरव्यू में उन्‍होंने बताया कि कोरोना को रोकने के लिए जो लॉकडाउन पूरी दुनिया में किया गया है वो काफी प्रभावी कदम है.

नयी दिल्‍ली : कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इस महामारी से दुनियाभर के 205 देश पुरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं. चीन के वुहान से शुरू हुई इस महामारी ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है और अधिकांश देशों में इस समय लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है. दुनियाभर के डॉक्‍टर और वैज्ञानिक इस बीमारी की दवा और टिका की खोज में अब तक कामयाब नहीं हो पाये हैं.

कोरोना का खौफ लगातार लोगों में बढ़ता जा रहा है. कई लोगों की मौत तो केवल दहशत के कारण हो गयी है. लोगों को उस दिन का आशा है कि कब कहीं से यह सुनने के लिए मिले कि कोरोना का कहर कम हो रहा है. इस बीच एक खबर कोरोना से परेशान सभी देशों के लिए राहत देने वाली है. जिस चीन के कारण इस समय पूरी दुनिया संकट में है, वहीं के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक ने दावा किया है कि एक महीन के भीतर कोरोना वायरस खत्‍म हो जाएगा. उनका दावा है कि अगले चार हफ्तों में कोरोना वायरस खत्‍म हो जाएगा.

चीन के सबसे महान वैज्ञानिक डॉ जोंग नानशान (Zhong Nanshan) ने कहा कि अप्रैल महीने के अंत तक कोरोना वायरस खत्म होने लगेगा. चीन के एक टीवी चैनल में दिए इंटरव्यू में उन्‍होंने बताया कि कोरोना को रोकने के लिए जो लॉकडाउन पूरी दुनिया में किया गया है वो काफी प्रभावी कदम है.

जब उनसे पूछा गया कि चीन के वुहान शहर में ठीक हो चुके लोगों में दोबारा कोरोना वायरस पाया गया है तो उन्होने कहा कि ऐसा बेहद कम होता है. डॉ नानशान का कहना है कि किसी व्यक्ति के ठीक होने के बाद दोबारा संक्रमित होने की एक वजह शरीर में एंटीबॉडिज का होना है.

गौरतलब है इस समय कोरोना वायरस से करीब 205 देश प्रभावित हो चुके हैं. जिसमें करीब 9 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और 40 हजार से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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