भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शनिवार से शुरू हो गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी शुरुआत की. इसके साथ ही पहले दिन 1,91,181 लोगों को कोरोना का टीका दिया गया. पहले चरण में अग्रिम मोर्चों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि आज देश में 3351 सत्र में वैक्सीनेशन का कार्यक्रम किया गया. वैक्सीनेशन ड्राइव में 2 तरह के वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. COVISHIELD सभी राज्यों को दिया गया है. COVAXIN को 12 राज्यों को दिया है. शनिवार को पूरे देश में 1,91,181 लोगों को कोविड वैक्सीन का टीका लगाया गया. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया टीकाकरण अभियान का पहला दिन सफल रहा. अब तक टीकाकरण के बाद अस्पताल में भर्ती होने का कोई मामला सामने नहीं आया है.
इसके साथ ही 10 महीनों में लाखों जिंदगियों और रोजगार को लील लेने वाली इस महामारी के खात्मे की उम्मीद जग गयी है. भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1.5 लाख लोगों की मौत के बाद भारत ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके के साथ महामारी को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है.
स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल के मंत्री निर्मल माजी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गई.
पॉल कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चिकित्सा उपकरण एवं प्रबंधन को लेकर गठित अधिकार समूह के प्रमुख भी हैं. अभियान की शुरुआत से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री कहा कि टीके की दो खुराक लेनी बहुत जरूरी है और इन दोनों के बीच लगभग एक महीने का अंतर होना चाहिए. उन्होंने टीका लेने के बाद भी लोगों से कोरोना संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया और दवाई भी, कड़ाई भी का मंत्र दिया.
उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के ‘मेड इन इंडिया’ टीकों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही इसके उपयोग की अनुमति दी गई है. मोदी ने कहा कि टीका देश में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत सुनिश्चित करेगा.
प्रधानमंत्री ने भरोसा व्यक्त करते हुए कहा कि सामान्य तौर पर टीका विकसित करने में वर्षों लग जाते हैं लेकिन भारत ने दो ‘मेड इन इंडिया’ टीके तैयार किए और तेजी से अन्य टीकों पर भी काम कर रहा है.
गौरतलब है कि पूरे भारत में बड़े पैमाने पर टीकाकरण का रास्ता साफ करते हुए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने इस महीने की शुरुआत में ऑक्सफोर्ड /एस्ट्रेजेनेका द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड एवं भारत बायोटेक द्वारा विकसित स्वदेशी कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी थी.
मालूम हो कोरोना से बचाव के लिए टीके की खुराक सबसे पहले अनुमानित एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को और इसके बाद दो करोड़ अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों को दी जाएगी, इसके बाद 50 साल से अधिक उम्र वालों एवं अन्य बीमारियों से ग्रस्त 27 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने की योजना है.
Posted By – Arbind kumar mishra
