Kempty Waterfall In Mussoorie देशभर में कोरोना की दूसरी लहर के प्रभाव के कम होने के बाद अब तीसरी लहर के आने की चर्चा जोर पकड़ रही है. हालांकि, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से दर्ज हो रही गिरावट के बीच केंद्र और राज्य की सरकारों की ओर से कोविड प्रोटोकॉल को जारी करते हुए लॉकडाउन खत्म करने की घोषणा की जा रही है. इससे लोगों को थोड़ी सहूलियत मिली है. वहीं, कुछ जगहों पर लोगों द्वारा लापरवाही किए जाने किए जाने संबंधी शिकायतें भी आनी शुरू हो गई है. कई राज्यों में पांबदियों में ढील मिलने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहाड़ों पर घूमने जा रहे हैं. ऐसे में उत्तराखंड के मसूरी-नैनीताल में टूरिस्टों की भीड़ लगी हुई है.
कोविड कर्फ्यू में ढील मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो डराने वाली हैं. दरअसल, उत्तराखंड में मसूरी और हिमाचल के शिमला व मनाली सैलानियों से गुलजार हैं. लोग सब भूलकर जिंदगी का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं. इसके साथ ही इन स्थानों पर भीड़ बढ़ने से कोरोना संक्रमण की आशंका बढ़ गई है. खास बात यह कि ये तस्वीरें तब सामने आ रही हैं, जब देश में अगस्त के तीसरे सप्ताह में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जताई गई है. शायद यही कारण है सोशल मीडिया पर भी इन तस्वीरों को लेकर चर्चा गर्म है.
बता दें कि उत्तराखंड के मसूरी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जहां केम्पटी फाल्स पर सैकड़ों की संख्या में टूरिस्ट नहा रहे हैं. इस दौरान यहां ना कोई सोशल डिस्टेंसिंग है और ना ही कोई मास्क है. इतना ही नहीं हर कोई अपनी मस्ती में मस्त है. वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है शायद ये कोरोना काल के पहले का वीडियो है. सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसको लेकर लोग निंदा कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि लोगों की ये लापरवाही कहीं तीसरी लहर को न्योता ना दे दे.
कुछ ऐसा ही मसूरी में कुल्डी बाजार और मॉल रोड में देखने को मिल रहा है, जहां हजारों की संख्या में पर्यटक उमड़ रहे हैं. उत्तराखंड में नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार में लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है. दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में शिमला, मनाली और कसौली जाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. उल्लेखनीय है कि बीते दिनों केंद्र सरकार ने भी पर्यटकों की लापरवाही पर सवाल खड़े किए थे और लोगों को चेतावनी दी थी कि अगर यही लापरवाही जारी रही तो सरकार फिर से पाबंदी लगाने में देरी नहीं की जाएगी.
