Corona Guidelines: कर्नाटक में रात 1 बजे तक ही मना सकेंगे जश्न, जानें अन्य राज्यों का हाल

वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए जिनमें सिनेमाघरों और शिक्षण संस्थानों में मास्क को अनिवार्य बनाना और वृद्धों सहित अधिक खतरे वाली आबादी को भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह शामिल है.

चीन सहित कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर भारत में सरकारें अलर्ट मोड़ पर काम कर रही हैं. इधर कर्नाटक सरकार ने नये साल में जश्न मनाने को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है. जिसमें कोरोना प्रोटोकॉल पालन अनिवार्य कर दिया गया है. फिलहाल नये साल को लेकर कर्नाटक सरकार ने ही गाइडलाइन जारी की है, अन्य राज्यों से अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गयी है.

1 बजे रात मना पायेंगे नये साल का जश्न

वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए जिनमें सिनेमाघरों और शिक्षण संस्थानों में मास्क को अनिवार्य बनाना और वृद्धों सहित अधिक खतरे वाली आबादी को भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह शामिल है. सरकार ने निर्देश दिया है कि बार, रेस्तरां और पब में केवल उन लोगों को प्रवेश दिया जाए जिन्होंने कोविड-19 से बचाव के लिए टीके की दो खुराकें ली हैं. ऐसे स्थानों को नये साल पर बैठने की क्षमता के बराबर ही मेहमानों की मेजबानी करने को कहा गया है. एक जनवरी को नए साल का जश्न भी रात एक बजे तक खत्म करने का निर्देश दिया गया है.

कर्नाटक में भीड़ वाले स्थानों पर मास्क अनिवार्य

नये साल पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क को अनिवार्य किया गया है और बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ऐसे स्थानों से बचने की सलाह दी गई है.

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एयरपोर्ट पर यात्रियों की हो रही कोरोना जांच

कर्नाटक स्वास्थ्य मंत्री सुधाकर ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार बेंगलुरु और मंगलुरु हवाई अड्डे पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में से दो प्रतिशत की कोविड जांच की जा रही है और लक्षण वाले मरीजों को दो समर्पित अस्पतालों में भेजा जाएगा. उन्होंने कहा, भयभीत होने की जरूरत नहीं है क्योंकि बीएफ7 ओमीक्रोन का उप स्वरूप है जिसके संक्रमण का सामना देश करीब एक साल पहले कर चुका है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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