बजट सत्र में कोरोना, किसान और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस, सोनिया गांधी ने बनाई रणनीति

कांग्रेस ने संसद के बजट सत्र में कोरोना प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज , महंगाई , बेरोजगारी , किसानों से जुड़े मुद्दे , सीमा पर चीन के साथ गतिरोध और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का फैसला किया है.

नई दिल्ली : संसद का बजट सत्र 2022 आगामी 31 जनवरी से शुरू होने जा रहा है. सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आर्थिक समीक्षा पेश करेंगी. इसके बाद एक फरवरी को केंद्रीय बजट 2022 पेश किया जाएगा. इस बीच, खबर यह है कि बजट सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस संसद में कोरोना, किसान और महंगाई का मुद्दा उठाएगी. इसके लिए शुक्रवार को कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में आयोजित एक बैठक में रणनीति तैयार कर ली गई है.

मीडिया की खबर के अनुसार, कांग्रेस ने संसद के बजट सत्र में कोरोना प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज , महंगाई , बेरोजगारी , किसानों से जुड़े मुद्दे , सीमा पर चीन के साथ गतिरोध और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का फैसला किया है. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुक्रवार को पार्टी के संसदीय रणनीति समूह की हुई डिजिटल बैठक में यह निर्णय लिया गया. इस समूह में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे , लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, के सुरेश, जयराम रमेश, मणिकम टैगोर, मनीष तिवारी और रवनीत सिंह बिट्टू शामिल हैं.

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने यह फैसला भी किया है कि आमजन से जुड़े मुद्दों पर समान विचारधारा वाले दलों के साथ समन्वय करते हुए सरकार को घेरा जाएगा. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कोरोना महामारी से प्रभावित परिवरों के लिए राहत पैकेज की मांग को कांग्रेस इस सत्र में पुरजोर तरीके से उठाएगी. कांग्रेस लंबे समय से यह मांग कर रही है कि कोरोना वायरस की वजह से जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को चार लाख रुपये का मुआजवा दिया जाए. हम इसी मांग पर जोर देंगे.

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उन्होंने कहा कि सीमा पर चीन की बढ़ती आक्रमकता और उसके साथ चल रहे गतिरोध, महंगाई, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था की स्थिति, एयर इंडिया तथा दूसरी सरकार कंपनियों के निजीकरण तथा किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा. संसद के बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ आरंभ होगा. एक फरवरी को बजट पेश होगा.

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