कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ 130 कैंडिडेट का किया इंटरव्यू!

All India Congress Committee: कांग्रेस पार्टी में बड़े सांगठनिक बदलाव के आसार नजर आ रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार पार्टी AICC के मौजूदा सेक्रेटरी में से आधे को बदलने की तैयारी में है. इसी योजना पर काम करते हुए राहुल गांधी,प्रियंका गांधी और पार्टी के जेनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने अहम बैठक की है. इस बैठक में पार्टी का प्रदर्शन सुधारने की नीतियों पर चर्चा हुई.

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की जोड़ी एक बार फिर पार्टी को खड़ा करने की कोशिश में हैं. इसी कोशिश में उन सेक्रेटरी को बदलना चाह रहे हैं, जिनके नेतृत्व में पार्टी लगातार कमजोर हुई है. रिपोर्ट के अनुसार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मंगलवार को पार्टी के सेक्रेटरी के साथ बैठक करेंगे और उनके प्रदर्शन का रिव्यू करके उन्हें उन्हें फीडबैक देंगे.

130 नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं राहुल-प्रियंका

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार अबतक राहुल और प्रियंका गांधी 130 से अधिक उम्मीदवारों का इंटरव्यू कर चुके हैं. इंटरव्यू में उनसे कई सवाल पूछे गए हैं, जिनमें से एक सवाल यह भी है कि आप पार्टी में राज्य को कैसे खड़ा करेंगे. जिन राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा है, वहां की स्थिति सुधारने के लिए पार्टी के नेता ये मशक्कत कर रहे हैं. इसके अलावा चुनावी राज्यों में भी पार्टी अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए सेक्रेटरी की भूमिका को तराशना चाह रही है.

पार्टी में है कुल 54 सेक्रेटरी

कांग्रेस की वेबसाइट के अनुसार कुल 54 सेक्रेटरी अभी कार्य कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार राहुल और प्रियंका इनमें से 50 प्रतिशत सेक्रेटरी को बदलने का मन बना चुके हैं. इसकी वजह यह है कि 7 सितंबर को राहुल और प्रियंका ने जो इंटरव्यू लिया था उसमें तमाम दस्तावेज और प्रदर्शन के आंकड़ों पर बात हुई है.रिपोर्ट के अनुसार जिन उम्मीदवारों का इंटरव्यू हुआ उनसे पहले एक मिनट में अपना इंट्रोडक्शन देने के लिए कहा गया. उसके बाद, राहुल जी, प्रियंका जी और वेणुगोपाल जी ने हमसे पार्टी में हमारी परफॉर्मेंस के बारे में सवाल पूछे. उन्होंने हमसे पूछा कि हमने अपने रोल में क्या किया, हमने चीजें उस तरह से क्यों कीं, हमने पार्टी में कैसे कंट्रीब्यूट किया और हमसे कहां कमी रही. इंटरव्यू के लिए आए एक अन्य नेता ने बताया कि कैंडिडेट्स से कुछ काल्पनिक स्थितियों पर भी जवाब देने के लिए कहा गया था, जिसमें यह भी शामिल था कि वे उस राज्य में पार्टी को कैसे फिर से खड़ा करेंगे जहां पार्टी ने खराब परफॉर्म किया था या जहां चुनाव होने वाले थे.

ड्यूटी कैसे करेंगे, जैसे सवाल भी पूछे गए

एक नेता ने बताया कि हमसे यह सवाल भी पूछा गया कि अगर हमें किसी खास राज्य का सेक्रेटरी बनाया जाता है तो हम अपनी ड्यूटी कैसे करेंगे. हमें अपने पुराने प्रदर्शनों से जुड़े सवाल भी पूछे गए. इसके अलावा संगठन सृजन अभियान के बारे में भी सवाल पूछे गए, जो कांग्रेस द्वारा पूरे देश में किया जा रहा ऑर्गेनाइजेशनल बदलाव है.


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By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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