बीके हरिप्रसाद ने कहा- कर्नाटक में पावर ट्रांसफर की खबर, बीजेपी का दुष्प्रचार; सिद्धारमैया बने रहेंगे सीएम

CM Siddaramaiah : कर्नाटक में पावर ट्रांसफर की खबर कोई नयी खबर नहीं है. 2023 में जब यहां कांग्रेस की सरकार बनी और सिद्धारमैया सीएम बने, तब से अबतक कई बार राजनीतिक गलियारों से ऐसी सूचना सामने आती है कि कर्नाटक में डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं. मंगलवार को जब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों दिल्ली पहुंचे, तो चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया.

CM Siddaramaiah : कर्नाटक में कांग्रेस बहुत मजबूत स्थिति में है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को दिल्ली इसलिए बुलाया गया था, ताकि दो साल बाद फिर से बीजेपी को हराने की रणनीति बनाई जा सके. सीएम सिद्धारमैया को 5 साल के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी गई है और वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. यह बयान कांग्रेस के नेता बीके हरिप्रसाद ने एएनआई न्यूज एजेंसी के साथ बातचीत में दिया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में पावर ट्रांसफर की सूचना महज बीजेपी का दुष्प्रचार है.

कर्नाटक में नहीं बदलेगा मुख्यमंत्री

बीके हरिप्रसाद ने कहा कि बीजेपी ट्रोल करने वाली फैक्टरी है. वह झूठों की फैक्टरी है. कर्नाटक में मंत्रिमंडल में अगर कुछ बदलाव होता है, तो उसका निर्धारण पार्टी हाईकमान करेंगे. उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदल सकते हैं. बीके हरिप्रसाद ने कहा कि सीएम को तभी बदला जा सकता है, जब उनपर भ्रष्टाचार या किसी अन्य मामले में गंभीर आरोप लगे हों.

कर्नाटक में झूठी बातें फैला रही है बीजेपी

बीके हरिप्रसाद ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया कि वह कर्नाटक में माहौल खराब करने के लिए झूठी बातें फैला रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने शासनकाल की चीजों को याद करे और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान दे, ना कि कर्नाटक में माहौल खराब करे. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कर्नाटक में माहौल खराब करने के लिए 24 घंटे काम कर रही है, लेकिन वे इस बात का जवाब नहीं दे रहे हैं कि आखिर पीएम मोदी ने अमेरिका के सामने सरेंडर क्यों किया.

सिद्धारमैया और डीके शिव कुमार ने हाईकमान से मुलाकात की

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पार्टी के हाईकमान से मुलाकात की. हालांकि पार्टी ने इस मीटिंग को रूटीन मीटिंग बताया, लेकिन सूत्रों के हवाले से ऐसी सूचना सामने आ रही है कि प्रदेश में पावर ट्रांसफर की तैयारी चल रही है. आशंका है कि सिद्धारमैया को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का मन बना लिया है. इस स्थिति में डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के सबसे ताकतवर उम्मीदवार होंगे. उनके समर्थक भी प्रदेश मं बहुत हैं. ऐसी खबरें भी छनकर सामने आ रही हैं कि सिद्धारमैया के बेटे को कैबिनेट मंत्री का पद दिया जा सकता है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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