CM Siddaramaiah : कर्नाटक में कांग्रेस बहुत मजबूत स्थिति में है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को दिल्ली इसलिए बुलाया गया था, ताकि दो साल बाद फिर से बीजेपी को हराने की रणनीति बनाई जा सके. सीएम सिद्धारमैया को 5 साल के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी गई है और वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. यह बयान कांग्रेस के नेता बीके हरिप्रसाद ने एएनआई न्यूज एजेंसी के साथ बातचीत में दिया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में पावर ट्रांसफर की सूचना महज बीजेपी का दुष्प्रचार है.
कर्नाटक में नहीं बदलेगा मुख्यमंत्री
बीके हरिप्रसाद ने कहा कि बीजेपी ट्रोल करने वाली फैक्टरी है. वह झूठों की फैक्टरी है. कर्नाटक में मंत्रिमंडल में अगर कुछ बदलाव होता है, तो उसका निर्धारण पार्टी हाईकमान करेंगे. उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदल सकते हैं. बीके हरिप्रसाद ने कहा कि सीएम को तभी बदला जा सकता है, जब उनपर भ्रष्टाचार या किसी अन्य मामले में गंभीर आरोप लगे हों.
कर्नाटक में झूठी बातें फैला रही है बीजेपी
बीके हरिप्रसाद ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया कि वह कर्नाटक में माहौल खराब करने के लिए झूठी बातें फैला रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने शासनकाल की चीजों को याद करे और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान दे, ना कि कर्नाटक में माहौल खराब करे. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कर्नाटक में माहौल खराब करने के लिए 24 घंटे काम कर रही है, लेकिन वे इस बात का जवाब नहीं दे रहे हैं कि आखिर पीएम मोदी ने अमेरिका के सामने सरेंडर क्यों किया.
सिद्धारमैया और डीके शिव कुमार ने हाईकमान से मुलाकात की
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पार्टी के हाईकमान से मुलाकात की. हालांकि पार्टी ने इस मीटिंग को रूटीन मीटिंग बताया, लेकिन सूत्रों के हवाले से ऐसी सूचना सामने आ रही है कि प्रदेश में पावर ट्रांसफर की तैयारी चल रही है. आशंका है कि सिद्धारमैया को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का मन बना लिया है. इस स्थिति में डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के सबसे ताकतवर उम्मीदवार होंगे. उनके समर्थक भी प्रदेश मं बहुत हैं. ऐसी खबरें भी छनकर सामने आ रही हैं कि सिद्धारमैया के बेटे को कैबिनेट मंत्री का पद दिया जा सकता है.
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