Congress Crisis : कर्नाटक कांग्रेस के सीनियर विधायक रविवार (12 अप्रैल) को दिल्ली रवाना हुए, जहां वे पार्टी नेतृत्व से मिलकर कैबिनेट में फेरबदल और नए चेहरों को मौका देने की मांग करेंगे. वहीं पहली बार चुने गए विधायक भी अब सरकार में अपनी हिस्सेदारी की मांग को लेकर खुलकर सामने आ गए हैं और दबाव बना रहे हैं.
पहली बार चुने गए कांग्रेस विधायक की मांग क्या है?
पहली बार चुने गए कांग्रेस विधायक अब अपनी हिस्सेदारी को लेकर खुलकर दबाव बना रहे हैं. उनका कहना है कि जब भी कैबिनेट में फेरबदल हो, तो उनमें से कम से कम पांच विधायकों को मंत्री बनाया जाए, ताकि नए चेहरों को भी सरकार में मौका मिल सके.
सीनियर कांग्रेस विधायक की मांग क्या है?
तीन से ज्यादा बार जीत चुके कई सीनियर विधायक रविवार को दिल्ली के लिए निकल पड़े. वे पार्टी नेतृत्व से मिलकर मांग करेंगे कि कैबिनेट फेरबदल में करीब 40 सीनियर विधायकों में से कम से कम 20 को मंत्री बनने का मौका दिया जाए, ताकि उनका अनुभव सरकार में इस्तेमाल हो सके.
राहुल गांधी से भी मिलेंगे वरिष्ठ विधायक
इन वरिष्ठ विधायकों में टी बी जयचंद्र और अशोक पटन शामिल हैं. ये नेता दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे, के सी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला से मिलने वाले हैं. साथ ही राहुल गांधी से भी मुलाकात की कोशिश की जा रही है, ताकि अपनी मांग सीधे उनके सामने रख सकें.
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हर किसी की इच्छा मंत्री बनने की : रविकुमार गौड़ा
मांड्या से पहली बार विधायक बने रविकुमार गौड़ा (रवि गनिगा) ने कहा कि हर किसी की इच्छा मंत्री बनने की होती है. गौड़ा ने कहा कि उन्होंने मीडिया में देखा है कि कई वरिष्ठ नेता, जो 3–5 बार जीत चुके हैं, मंत्री पद के लिए दिल्ली जा रहे हैं. उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि फैसला आखिरकार पार्टी आलाकमान और मुख्यमंत्री पर ही निर्भर करेगा.
हम मुख्यमंत्री से मिलेंगे : रविकुमार गौड़ा
मांड्या में पत्रकारों से बात करते हुए रविकुमार गौड़ा ने साफ कहा कि पहली बार चुने गए विधायकों का रुख बिल्कुल स्पष्ट है, उन्हें भी मौका मिलना चाहिए. हाल ही में 38 विधायकों ने नेतृत्व को पत्र लिखकर मांग की है कि उनमें से कम से कम पांच को मंत्री बनाया जाए. उन्होंने कहा कि हम जल्द ही बैठक करेंगे और आगे की कार्रवाई तय करेंगे. हम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से एक बार मिल चुके हैं. विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने की योजना थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका. हम मुख्यमंत्री से मिलेंगे और देखेंगे कि और क्या किया जा सकता है.
