तेजस एक्सप्रेस और वंदे भारत के टाइम टेबल पर IRCTC और रेलवे में टकराव, बोर्ड को लिखी गई चिट्ठी

तेजस एक्सप्रेस और वंदे भारत के टाइम टेबल को लेकर आईआरसीटीसी ने अगस्त और सितंबर में रेलवे बोर्ड को दो बार चिट्ठी लिखी है. इसमें आईआरसीटीसी की ओर से चिंता जाहिर की गई है कि मुंबई-अहमदाबाद रूट पर इन दोनों ट्रेनों के परिचालन के लिए जो टाइम टेबल निधारित किया गया है, वह एक ही है.

नई दिल्ली : भारत में निजी क्षेत्र की पहली ट्रेन तेजस एक्सप्रेस और रेलवे की कॉरपोरेट ट्रेन वंदे भारत के टाइम टेबल में हो रहे टकराव को लेकर भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) खासा चिंतित है. बताया जा रहा है कि रेलवे के मुंबई-अहमदाबाद रूट पर तेजस एक्सप्रेस ट्रेन के बाद जल्द ही वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत होने वाली है और इन दोनों के इस रूट पर ऑपरेट करने के लिए एक ही टाइम टेबल निर्धारित किया गया है, जिसे लेकर आईआरसीटीसी ने चिंता जाहिर की है. सूत्रों के हवाले से मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, तेजस एक्सप्रेस और वंदे भारत के ऑपरेशनल टाइम टेबल को लेकर आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड को चिट्ठी भी लिखी है.

समान टाइम टेबल से दोनों ट्रेनों में होगी प्रतिस्पर्धा

बताया जा रहा है कि तेजस एक्सप्रेस और वंदे भारत के टाइम टेबल को लेकर आईआरसीटीसी ने अगस्त और सितंबर में रेलवे बोर्ड को दो बार चिट्ठी लिखी है. इसमें आईआरसीटीसी की ओर से चिंता जाहिर की गई है कि मुंबई-अहमदाबाद रूट पर इन दोनों ट्रेनों के परिचालन के लिए जो टाइम टेबल निधारित किया गया है, वह एक ही है. इससे इन दोनों ट्रेनों में प्रतिस्पर्धा पैदा होगी. उसने अपनी चिट्ठी में यह भी कहा कि फिर तो इस रूट पर तेजस ट्रेन के शुरू करने का कोई मतलब ही नहीं बनता.

तेजस एक्सप्रेस को बढ़ावा देने के लिए किया काफी प्रयास

सूत्रों ने कहा कि आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड को अवगत कराया है कि मुंबई-अहमदाबाद रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत के वक्त से ही उस रूट पर तेजस एक्सप्रेस के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. यात्रियों की संख्या में संभावित कमी के मद्देनजर आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड से कहा है कि उसने काफी प्रयासों और तेजस ट्रेन के किराए तथा सेवाओं में बदलाव करके यात्रियों को आकर्षित किया है.

क्या है वंदे भारत और तेजस एक्सप्रेस का टाइम टेबल

बता दें कि भारत में निजी क्षेत्र की पहली ट्रेन तेजस एक्सप्रेस जहां अहमदाबाद से सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर प्रस्थान करती है और दोपहर एक बजकर पांच मिनट पर मुंबई पहुंचती है. वहीं, दूसरी दिशा में यह मुंबई सेंट्रल से दोपहर तीन बजकर 45 मिनट पर प्रस्थान करती है और रात 10 बजकर 10 मिनट पर अहमदाबाद पहुंचती है. प्रस्तावित टाइम टेबल के अनुसार, नई वंदे भारत एक्सप्रेस अहमदाबाद से सुबह 7 बजकर 25 मिनट पर प्रस्थान करेगी और दोपहर डेढ़ बजे मुंबई पहुंचेगी. वहीं, दूसरी दिशा में यह मुंबई सेंट्रल से दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर प्रस्थान करेगी और रात नौ बजकर पांच मिनट पर अहमदाबाद पहुंचेगी.

दोनों ट्रेनों के परिचालन में 45 से 75 मिनट का अंतर

सूत्रों ने कहा कि दोनों ट्रेन का अंतर दोनों दिशाओं में 45 मिनट से 75 मिनट के बीच होगा और तेजस एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत एक्सप्रेस का दूरी तय करने का समय भी कम होगा, जिसके चलते तेजस ट्रेन और अधिक प्रभावित होगी. सूत्रों के अनुसार आईआरसीटीसी का कहना है कि इस मार्ग पर तेजस पहले ही एसी डबल डेकर, कर्णावती एक्सप्रेस के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है.

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निजी क्षेत्र की पहली ट्रेन है तेजस एक्सप्रेस

गौरतलब है कि तेजस एक्सप्रेस भारत में निजी क्षेत्र की पहली ट्रेन है. इस तेजस एक्सप्रेस को आईआरसीटीसी संचालित करता है. 100 दिन के एक्शन प्लान के बाद वर्ष 2019 के अक्टूबर में दिल्ली-लखनऊ रूट पर इसकी शुरुआत की गई थी. तेजस एक्सप्रेस में विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ हवाई जहाज की तर्ज पर यात्रियों की सेवा के लिए ट्रेन होस्टेस की भी व्यवस्था की गई है. 2019 में दिल्ली-लखनऊ रूट पर तेजस एक्सप्रेस की शुरुआत होने के बाद आईआरसीटीसी को पहले महीने के परिचालन से अक्टूबर 2019 में करीब 70 लाख रुपये का फायदा हुआ था.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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