Chandigarh Protest : चंडीगढ़ और मोहाली बॉर्डर पर बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेता और कार्यकर्ता खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य सिख नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास का घेराव करने निकले.
मार्च की शुरुआत मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब से हुई, लेकिन चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर भारी पुलिस बल पहले से तैनात था. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए गए. जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहनों पर भी चढ़ गए और सीमा पर काफी देर तक तनाव बना रहा.
पूरे शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने यूटी-मोहाली बॉर्डर, सरोवर पथ, सेक्टर 50/51 चौक, गौशाला चौक, सेक्टर 44/45 लाइट प्वाइंट और आईएसबीटी-43 के आसपास कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया. लोगों को इन रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई. सुबह से ही इन इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं.
PU छात्रा की मौत पर भी छात्रों का प्रदर्शन
इसी बीच पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में पीएचडी की छात्रा ज्योति की करंट लगने से हुई मौत को लेकर भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दिया. लगातार दबाव के बाद प्रशासन ने कार्यकारी इंजीनियर और सब-डिवीजनल इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. साथ ही पीड़ित परिवार को 16 लाख रुपये का मुआवजा और छात्रा के भाई को नौकरी देने पर सहमति बनी. इन दोनों प्रदर्शनों के चलते बुधवार को चंडीगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और आम लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा.
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