Coal: कोयला क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने के लिए शुरू होगा ‘कोयला शक्ति’ डैशबोर्ड

कोयला मंत्रालय ‘कोयला शक्ति’ नाम से एक स्मार्ट कोल एनालिटिक्स डैशबोर्ड जारी करेगा. डैशबोर्ड डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाने के साथ कोयला इकोसिस्टम में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने का काम करेगा. केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी की मौजूदगी में इसे जारी किया जाएगा. यह डैशबोर्ड कोयला क्षेत्र के संचालन की वास्तविक समय निगरानी और विश्लेषण के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में काम करेगा.

Coal: देश में कोयला क्षेत्र के कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार की ओर से बड़ी पहल की शुरुआत होने जा रही है. कोयला उत्पादन, परिवहन और आपूर्ति की निगरानी के लिए एक एकीकृत, वास्तविक समय डिजिटल इंटरफेस मुहैया कराने के लिए बुधवार को कोयला मंत्रालय की ओर से ‘कोयला शक्ति’ नाम से एक स्मार्ट कोल एनालिटिक्स डैशबोर्ड जारी किया जायेगा. यह डैशबोर्ड डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाने के साथ कोयला इकोसिस्टम में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने का काम करेगा. केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी की मौजूदगी में इसे जारी किया जाएगा. 

यह डैशबोर्ड कोयला क्षेत्र के संचालन की वास्तविक समय निगरानी और विश्लेषण के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में काम करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन के जरिये डिजिटल इंडिया को सशक्त करने के सोच के साथ कोयला मंत्रालय कोयला क्षेत्र में डिजिटल प्रणालियों को एकीकृत करने के लिए कई पहलों को लागू कर रहा है. कोयला शक्ति डैशबोर्ड की शुरुआत इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. कोयला शक्ति की शुरुआत कोयला प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को बढ़ावा देकर डिजिटल इंडिया के विजन के साथ जुड़ने की कोयला मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.


कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता लाना है मकसद


कोयला शक्ति बनाने का मकसद कोयला उत्पादन, मांग, लॉजिस्टिक्स और परिवहन से संबंधित आंकड़ों के एकीकरण और विश्लेषण करना है. ताकि कोयला क्षेत्र में परिचालन पारदर्शिता और क्षमता का सही उपयोग हो सके. यह डैशबोर्ड सभी हितधारकों के बीच निर्बाध सूचना मुहैया कराने का काम करेगा और वास्तविक समय रिपोर्टिंग, प्रदर्शन ट्रैकिंग और लॉजिस्टिक्स को सक्षम बनाएगा. कोयला मंत्रालय का स्मार्ट कोल एनालिटिक्स डैशबोर्ड (एससीएडी) कोयला शक्ति एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है जो कई हितधारकों के डेटा को एकीकृत करता है. 

इसमें कोयला उत्पादक कंपनियां और निजी खनन कंपनी, केंद्रीय मंत्रालय और विभाग जैसे कोयला, रेलवे, बिजली, वित्त, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग, तथा सड़क परिवहन और राजमार्ग, कोयला उत्पादन का प्रबंधन करने वाले राज्य विभाग (ई-खनिज प्लेटफॉर्म), बिजली उत्पादन कंपनियां और अन्य औद्योगिक कोयला उपभोक्ता, बंदरगाह प्राधिकरण और निजी कोयला-हैंडलिंग टर्मिनल शामिल होंगी.

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Published by: Vinay tiwari

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