Co-operative: ग्रामीण क्षेत्र के विकास में सहकारिता का अगले 100 साल तक रहेगा अहम योगदान

गुरुवार को जयपुर में ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव’ कार्यक्रम काे संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के चार साल के अंदर 61 पहलों के जरिये सहकारिता को मजबूत करने का काम किया गया है. दो लाख नए पैक्स बनाने का काम शुरू हो गया है,जिसमें से 40 हजार पैक्स बना लिए गए हैं और सभी पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम पूरा हो चुका है.

Co-operative: केंद्र सरकार हर गांव, गरीब और किसान तक सहकारिता को पहुंचाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है. सरकार की कोशिश का परिणाम है कि मौजूदा समय में 98 फीसदी ग्रामीण क्षेत्र में सहकारिता की सक्रिय भूमिका है. अगले 100 साल तक ग्रामीण क्षेत्र के विकास में सहकारिता की अहम भूमिका होगी. देश में धान और गेहूं की खरीद में लगभग 20 फीसदी योगदान सहकारिता का है, जबकि 35 फीसदी उर्वरक और 30 फीसदी चीनी का उत्पादन सहकारिता के जरिये होता है. यही नहीं 20 फीसदी से अधिक उचित मूल्य की दुकानें (फेयर प्राइस शॉप) भी सहकारिता के माध्यम से चलती हैं.

मौजूदा समय में 8 लाख 50 हजार सहकारी संस्थाओं के जरिये 31 करोड़ लोग सहकारिता से जुड़े हैं. गुरुवार को जयपुर में ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव’ कार्यक्रम काे संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के चार साल के अंदर  61 पहलों के जरिये सहकारिता को मजबूत करने का काम किया गया है. दो लाख नए पैक्स  बनाने का काम शुरू हो गया है,जिसमें से 40 हजार पैक्स बना लिए गए हैं और सभी पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम पूरा हो चुका है.  

गरीबों के कल्याण के लिए मोदी सरकार संकल्पबद्ध


केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 11 साल के कार्यकाल में 60 करोड़ गरीबों के लिए घर, शौचालय, बिजली, गैस, पांच किलो मुफ्त अनाज और पांच लाख रुपए तक के इलाज और मुफ्त दवाइयों की व्यवस्था करने का काम किया है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश 11वें नंबर से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. साथ ही 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का काम किया है. मौजूदा सरकार ने देश को सुरक्षित करने का किया है. पिछली सरकार के दौरान देश में अमूमन हर दिन आतंकवादी हमले होते थे.

लेकिन जब उरी में हमला हुआ तो प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा में हमला हुआ तो एयर स्ट्राइक की और पहलगाम में हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के घर में जाकर आतंकवादियों के ठिकाने को नष्ट करने का काम किया. इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया गया है कि भारत को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी. 

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Published by: Vinay tiwari

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