धर्मांतरण कराने के आोरपी पादरी डॉमिनिक डिसूजा (Dominic D’Souza) को कोर्ट ने जमानत दे दी है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (CM Pramod Sawant) ने कहा कि पादरी के खिलाफ धर्मांतरण (conversion) की कई शिकायतों के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. उन्हें जमानत तो मिल गई लेकिन उनके घर और इन गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली जगहों को सील कर दिया गया है. हम इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
शिकायत मिलने पर पुलिस ने की कार्रवाई
मापुसा पुलिस को निखिल शेट्टी और प्रकाश खोबरेकर से अलग-अलग शिकायतें मिली थी. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिओलिम में फाइव पिलर चर्च (The Five Pillar church) के पादरी डिसूजा को गिरफ्तार किया. वहीं, उनकी पत्नी को पुलिस ने उत्तरी गोवा से गिरफ्तार किया है और दोनों पर धर्म के आधार पर लोगों को लुभाने और उन्हें इसाई धर्म में परिवर्तित करने के साथ साथ विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. बता दे कि पादरी और उनकी पत्नी सालिगाओ गांव में रहकर धर्मांतरण का काम करते थे.
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मुख्यमंत्री ने सतर्क रहने की दी सलाह
इससे पहले मुख्यमंत्री ने धर्म परिवर्तन को लेकर लोगों को सतर्क किया था. उन्होंने बीते माह अपने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि राज्य में एक बार फिर धर्म पर हमला किया जा रहा है. मै झूठ नहीं बोल रहा हूं. हमने देखा है कि गोवा के विभिन्न हिस्सों में लोग धर्म परिवर्तन की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि गलती से किसी भी धर्म परिवर्तन नहीं होना चाहिए. कुछ लोग समाज में विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे लोगों का फायदा उठा रहे हैं और धर्मांतरण करा रहे हैं.
सरकार नहीं देगी धर्मांतरण की अनुमति
उन्होंने कहा कि सरकार कभी भी धर्मांतरण की अनुमति नहीं देगी, लेकिन फिर भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. वहीं मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी गांवों में मंदिर ट्रस्टों को सतर्क रहने की सलाह दी थी.
