Cockroach Janata Party : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि आंदोलन खत्म होने के बाद केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों को निशाना बना सकती है. इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने देशभर के प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए एक ऑनलाइन वेबसाइट और लीगल एड फंड शुरू करने का ऐलान किया है. एएनआई न्यूजेंसी के मुताबिक, CJP का कहना है कि इस फंड से कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों को सहायता मिलेगी.
कपिल सिब्बल का साथ, 1 करोड़ देने की घोषणा
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. सिब्बल ने कानूनी सहायता के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की और देशभर के वकीलों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की.
CJP ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए ऑनलाइन लीगल एड फंड शुरू करने की घोषणा की. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने 1 करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार समझौते के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है. CJP ने FIR वापस लेने, छात्रों की रिहाई और लिखित समझौता सार्वजनिक करने की मांग की.
'पुराना प्लेबुक दोहराया जा रहा है' : CJP
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बड़े आंदोलनों में प्रदर्शनकारियों को बाद में झूठे मामलों में फंसाया गया था और अब वही "प्लेबुक" दोहराई जा रही है. उन्होंने कहा कि आंदोलन के पहले दिन से ही छात्रों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता दी जा रही है, जिसे अब और मजबूत किया जाएगा.
बिहार में कार्रवाई पर गंभीर आरोप
CJP नेता रत्ना सिंह ने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शनकारियों पर सबसे ज्यादा सख्ती हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और सीवान, पटना तथा छपरा जैसे इलाकों से कार्रवाई की शिकायतें मिली हैं. पार्टी ने कहा कि स्थानीय वकीलों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
सरकार को अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की चेतावनी
CJP ने केंद्र सरकार पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि सभी FIR वापस ली जाएं, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कोई नया मामला दर्ज न हो. सीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार लिखित समझौता साझा नहीं करती और कार्रवाई नहीं रोकती, तो देशभर में फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा.
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