पश्चिम बंगाल में जारी सियासी घमासान में सीबीआई वर्सेज सीआईडी का नजारा दिखने लगा है. सीबीआई ने टीएमसी के चार कद्दावर नेताओं को नारद स्टिंग केस में गिरफ्तार किया है. दूसरी तरफ राज्य की सीआईडी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के एक मामले में बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह को नोटिस भेजा है. नोटिस के आधार पर अर्जुन सिंह को 25 मई को कोलकाता में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं. नोटिस के जवाब में अर्जुन सिंह ने अपने वकील से मिलने की बात कही है. उन्होंने कहा ‘मैं सीआईडी के सामने पेश होने के लिए अपने वकील से सलाह लूंगा.’
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सीबीआई का बदला सीआईडी ले रही है?
नारद स्टिंग ऑपरेशन केस में सीएम ममता बनर्जी को दो मंत्रियों समेत चार बड़े नेताओं को सीबीआई ने सोमवार को गिरफ्तार किया था. नारद स्टिंग केस में मंत्री फिरहाद हकीम, मंत्री मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले को लेकर कोलकाता से लेकर दिल्ली तक सरगर्मी देखी जा रही है. टीएमसी का आरोप है केंद्रीय एजेंसियों को उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है. इसी बीच अर्जुन सिंह को मिले नोटिस को कहीं ना कहीं बीजेपी बदले की भावना के तहत कार्रवाई बता रही है.
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2019 में बीजेपी में शामिल हुए अर्जुन सिंह
बताते चलें पिछले साल पुलिस ने बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के उत्तर 24 परगना स्थित आवास पर छापा मारा था. साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अर्जुन सिंह ने टीएमसी छोड़कर बीजेपी को ज्वाइन किया था. इसके बाद बैरकपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतने में सफल हुए थे. कुछ दिनों पहले भी अर्जुन सिंह के भाटपाड़ा स्थित घर पर बमबाजी की घटना सामने आई थी. इसको लेकर सांसद अर्जुन सिंह ने टीएमसी पर जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया था. अब सीआईडी की मिले नोटिस पर भी पश्चिम बंगाल में सियासी बयानबाजी तेज हो चुकी है.
