COVID-19 से लड़ने में सफल हो रहा चीन, कारगर साबित हो रही ये दवाएं

China overcome coronavirus know about effective drugs अभी तक COVID-19 का कोई उपचार संभव नहीं हो पाया है. हालांकि, इसकी शोध चल रही है. अभी हाल ही में अमेरिका ने कहा था कि उन्होंने इस वायरस की दवा बना ली गई हैं और कुछ मरीजों पर इसका परीक्षण भी किया जा रहा हैं.

अभी तक COVID-19 का कोई उपचार संभव नहीं हो पाया है. हालांकि, इसकी शोध चल रही है. अभी हाल ही में अमेरिका ने कहा था कि उन्होंने इस वायरस की दवा बना ली गई हैं और कुछ मरीजों पर इसका परीक्षण भी किया जा रहा हैं.

लेकिन चीन में नया आंकड़ा सामने आया हैं जिसमें वहां मरीज तेजी से स्वस्थ्य हो रहे हैं. चीन का सबसे संवेदनशील शहर वुहान में एक हफ्ते में कोई भी संक्रमित मरीज नहीं मिला हैं. जबकी 703 मरीज पूरी तरह स्वस्थ्य होकर घर लौट चुका हैं.

ऐसे में चीन के एक वेबसाइट ने खबर छापी है जिसमें कुछ दवाएं बतायी जा रही हैं, खबर में बताया गया हैं कि कुछ दवाएं और उपचार हैं जो मरीजों के इलाज में कारगर साबित हो रही है. आइये, डालते हैं उन दवाओं पर एक नजर….

फेविपिरविर (Favipiravir)

फवीपिरावीर जापान में विकसित एक एंटीवायरल दवा है जिसका उपयोग शरीर में मौजूद राइबोन्यूक्लिक एसिड के आसपास कई वायरस खिलाफ किया जाता है.

17 मार्च को चीन के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के प्रमुख झांग शिनमिन ने कहा है कि निमोनिया के इलाज में प्रभावकारी यह दवा कोरोनोवायरस के उपचार में लाभकारी साबित हो रही हैं. इलाज के बाद पता चला है कि यह दवाई रोगियों के फेफड़ों को नियंत्रण में लाकर तेज़ी से ठीक कर रहा हैं.

क्लोरोक्वीन फॉस्फेट (Chloroquine phosphate)

यह दवा 1950 के दशक में विकसित की गयी हैं. इसे मलेरिया के इलाज में उपयोग में लाया जाता रहा हैं. एक परीक्षण के दौरान देखा गया कि कोरोनोवायरस वृद्धि को रोकने में यह दवा कारगार साबित हो रही है.

कोरोना को नियंत्रण कर रहे विशेषज्ञ झोंग नानशान की मानें तो यह दवा इस वायसर से प्रभावित गंभीर रोगियों का अधिक तेजी से उपचार कर रहा है.

प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन थेरेपी (Plasma Transfusion Therapy)

COVID-19 से उबरने वाले रोगियों में देखा गया है कि वे प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन थेरेपी के जरीये जल्द ठीक हो रहे हैं. इसका उपचार ज्यादा प्रभावी साबित हुआ हैं.

रेमेडिसविर (Remdesivir)

यह एक जैवविरोधी दवा है जिसे अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी गिलियड साइंसेज ने इबोला के उपचार के लिए विकसित किया था.

दरअसल चीन में परीक्षण का नेतृत्व कर रहे काओ बिन ने कहा है कि यह दवा कोरोना के कहर को रोकती नहीं हैं बल्कि, यह दवा कोरोनो वायरस के विकास को रोकने में प्रभावी है.

पारंपरिक चीनी औषधि

COVID-19 की रोकथाम और उपचार में पारंपरिक चीनी चिकित्सा ने भी बड़ी भूमिका निभाई है. चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित 90 प्रतिशत से अधिक रोगियों का इलाज से किया गया है.

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By sumitkumar1248654

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