कार्यभार संभालने के बाद जनरल सुब्रमणि ने कहा कि सशस्त्र बलों में बेहतर तालमेल और एकीकरण उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि सेना में संगठनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाया जाएगा और स्वदेशी हथियारों के विकास, उनकी तैनाती तथा एकीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा. जनरल सुब्रमणि ने भरोसा दिलाया कि भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने कहा कि मैं भारत के नागरिकों को आश्वस्त करता हूं कि सशस्त्र बल साहस के साथ और पेशेवर तरीके से राष्ट्र की सेवा करना जारी रखेंगे. राष्ट्रीय हितों की रक्षा में हमारी सशस्त्र सेनाओं ने लगातार पेशेवर दक्षता और निर्णायक सैन्य क्षमता दिखाई है.
सुब्रमणि ने कहा कि वह अपने पूर्ववर्ती दिवंगत जनरल बिपिन रावत और जनरल अनिल चौहान के नेतृत्व और योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों की बहादुरी, पेशेवर क्षमता और समर्पण देश की सबसे बड़ी ताकत है. उनके प्रशिक्षण और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. जनरल सुब्रमणि ने शहीद सैनिकों के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के लिए भी सरकार और सशस्त्र बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
सुब्रमणि ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अहम आधार है. उन्होंने कहा कि सेना, उद्योग, शिक्षण संस्थानों, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग से सैन्य आधुनिकीकरण को गति मिलेगी.
