Chenab Footbridge Video: चिनाब फुटब्रिज पर चलना डेंजर, प्रशासन ने ट्रैफिक के लिए बताया असुरक्षित

Chenab Footbridge: चिनाब नदी पर बने फुटब्रिज को प्रशासन ने अनसेफ बता दिया है.

Chenab Footbridge: जम्मू-कश्मीर के चिनाब नदी पर बने फुटब्रिज पर चलना खतरे से खाली नहीं. प्रशासन ने असुरक्षित बताते हुए आम लोगों को इसके इस्तेमाल को लेकर आगाह किया गया है. लोगों के लिए चेतावनी बोर्ड लगा दी गई है. प्रशासन ने सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी किया है. लोक निर्माण विभाग ने पुल को असुरक्षित घोषित कर दिया है और माल ढोने वाले खच्चरों के गुजरने, एक समय पर दो से अधिक लोगों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया है. डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया, “प्रेमनगर में चिनाब नदी पर बने फुटब्रिज को यातायात के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया है. इसका ऑडिट किया गया था और इसमें प्रेमनगर पुल को असुरक्षित माना गया है. हम इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाएंगे.”

तीन साल पहले बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था फुटब्रिज

तीन साल पहले फुटब्रिज बाढ़ की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया था. उसके एक छोर का डंगा पानी की तेज धार में बह गया था. बाढ़ की वजह से पिल्लर पर दरारें आ गई थीं. पटरियां भी टूट गईं थीं.

लकड़ी की पटरियों से तैयार किया गया है फुटब्रिज

चिनाब नदी पर फुटब्रिज को मोटी-मोटी लकड़ियों की पटरियों के सहारे तैयार किया गया है. जिसमें मोटे-मोटे लोहे के रॉड लगे हुए हैं.

क्या कहते हैं स्थानीय

स्थानीय लोगों ने पुल की मरम्मत या नया पुल बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि ब्रिज के बंद होने से सैकड़ों परिवारों को परेशानी होगी. एक स्थानिय निवासी ने कहा, “स्कूली बच्चों को मिलाकर रोजाना करीब 3000 से अधिक लोग इस पुल से गुजरते हैं. पुल के सस्पेंशन तार जंग खा गए हैं जबकि लकड़ी के स्लीपर टूटे हुए हैं, जिससे लोगों को हरदिन खतरा मोल लेकर ब्रिज पार करना पड़ रहा है. “

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >