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Chemical factory Explosion: विस्फोट उस समय हुआ, जब केमिकल फैक्टरी को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार, दो मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और घायलों को मांड्या आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया है.
कैसे हुआ धमाका?
पुलिस ने बताया कि फैक्टरी का सामान कुछ समय से करेकट्टे से नयी जगह पर ले जाया जा रहा था और रविवार को रासायनिक टैंक को खाली करते समय यह हादसा हुआ. मामले की जांच जारी है.
Chemical factory Explosion: फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने धमाके के बारे में क्या बताया?
जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, वहां काम करने वाले एक वर्कर अमन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया, कंपनी के केमिकल टैंक के पास छह लोग काम कर रहे थे, तभी अचानक उसमें धमाका हो गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई. मैं उस समय ड्यूटी पर नहीं था. आज, सुबह करीब 9 बजे तीन लोगों को इमरजेंसी केयर के लिए लाया गया. हमें वहां आए हुए सिर्फ एक महीना हुआ था. आकाश और कल्लू मर चुके हैं. कल्लू मेरे चाचा थे, और कासिम भी घायल हैं. फैक्ट्री में केमिकल बनते थे, लेकिन मुझे केमिकल का खास नाम नहीं पता. एक अन्य वर्कर राजीव कुमार ने बताया, यह आज सुबह करीब 10 बजे हुआ. हम बिहार से हैं. हम 7-8 लोग थे. यह एक केमिकल प्लांट है, और टैंक फट गया. हम 6-7 लोग वहां मौजूद थे, और हमें चोट लगी. कॉन्ट्रैक्टर यहां नहीं है; वह कहीं और गया है. उसका नाम गुड्डू खान है. नया काम एक महीने पहले ही शुरू हुआ था. उस समय कटिंग और फिटिंग का काम चल रहा था. अभी दो लोग घायल हैं.
गैस रिसाव का स्थानीय निवासियों ने किया था विरोध
स्थानीय निवासियों ने फैक्टरी के सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि साल 2022 में यहां जहरीली गैस का रिसाव हुआ था, जिससे आसपास की फसलें खराब हो गई थीं और दो कुत्तों की मौत हो गई थी. किसानों और स्थानीय लोगों के कड़े विरोध और स्थानीय विधायक तथा जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फैक्टरी का संचालन बंद कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि इसी कारण मालिकों ने फैक्टरी को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था.
