मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते 'उदय' की मौत

Kuno National Park : मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते 'उदय' की मौत की खबर आ रही है. आपको बता दें कि अब कुछ ही दिनों पहले कूनो में मादा चीता शासा की मौत हो गयी थी.

Kuno National Park : कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक चीते की मौत हो गयी है. वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते ‘उदय’ की मौत हो गयी है. चीते की मौत के बाद अधिकारी जांच में जुट गये हैं. अधिकारी ने बताया कि मृत चीता ‘उदय’ की उम्र छह साल थी.

आपको बता दें कि अब कुछ ही दिनों पहले कूनो में मादा चीता शासा की मौत हो गयी थी. जिसके बाद अब ‘चीता प्रोजेक्ट’ को एक औऱ झटका लगा है.

मौत को लेकर जांच जारी

मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जेएस चौहान ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से लाये गये एक अन्य चीता उदय की कूनो नेशनल पार्क में बीमार पड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गयी. मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. इसको लेकर जांच जारी है.

वन विभाग ने क्या बताया

वन विभाग की ओर से जो जानकारी दी गयी है उसके अनुसार, सुबह के वक्त करीब 9 बजे नर चीता उदय सिर झुका कर सुस्त अवस्था में बैठा नजर आया. चीता के करीब जाने पर वो वो उठकर लड़खड़ाकर एवं गर्दन झुका कर चलता पाया गया जिसके बाद उसकी हालत की जानकारी वन्यप्राणी चिकित्सकों को दी गयी. इसके बाद चीता उदय का निरीक्षण किया गया और प्रथम दृष्टया वो बीमार पाया गया. इसके बाद इलाज के लिए नर चीता को ट्रैकुलाइज की जरूरत जान पड़ी.

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सुबह करीब 11 बजे चीता को बेहोश करने के बाद उसका उपचार किया गया था. चीता के स्वास्थ्य को देखते हुए उसे आइसोलेशन वार्ड में आगे की उपचार और निगरानी के लिए रखने का फैसला लिया गया. लेकिन शाम 4 बजे चीता उदय की मौत हो गयी. नर चीता की मौत की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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