Chamoli Disaster: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले में तपोवन सुरंग से रविवार तड़के दो शव बरामद किए गए. चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि सुरंग के अंदर से तड़के तीन शव बरामद हुए हैं . उन्होंने बताया कि शवों की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है. चमोली की ऋषिगंगा घाटी में सात फरवरी को आई बाढ़ में मारे गए 41 लोगों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं, जबकि 163 अन्य लोग अब भी लापता हैं.
उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि आज सुबह क़रीब 5 बजे पहला शव और 6 बजे दूसरा शव मिला, संभावना है कि ये शव हादसे वाले दिन के हैं. उम्मीद कम है, आगे तक मलबा है. हम टनल को खोलना जारी रखेंगे.
वहीं तपोवन परियोजना की सुरंग में फंसे 35 लोगों को बाहर निकालने के लिए शनिवार को हेवी ड्रिल मशीन से सुरंग के अंदर ड्रिल का कार्य शुरू हो गया है. जबकि अभी तक सुरंग में लगभग 135 मीटर तक मलबा हटा दिया गया है. शनिवार को मलबे से एक भी शव बरामद नहीं हुआ है. सुरंग से मलबा बाहर लाने के लिए दो डंपर लगाये गये हैं. जिससे अब मलबा हटाने के कार्य में तेजी आ गयी है. शुक्रवार रात को 70 डंपरों में भरकर मलबा हटाया गया. वहीं, सुरंग में ड्रिल के जरिये खोज-बचाव कार्य भी जारी है.
शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे बाद छोटी ड्रिल मशीन से सुरंग के अंदर एसएफटी (सील्ड फ्लसिंग टनल ) तक कैमरा और ड्रोन भेजने के लिए ड्रिल कार्य शुरू हुआ. लेकिन मात्र एक घंटे कार्य करने के बाद ड्रिल मशीन का मेकेनिकल पाइप फट गया, जिससे करीब आधा घंटे तक ड्रिल का कार्य बाधित रहा. इस दौरान सुरंग से मलबा हटाने का कार्य किया गया. शाम चार बजे मौके पर नयी हेवी ड्रिल मशीन पहुंची. अब सुरंग में ड्रिल के कार्य में तेजी आ गयी है. अभी भी 166 लोग लापता बताये जा रहे हैं. 38 शव बरामद किये जा चुके हैं. क्षेत्र में राहत कार्यों मे भी तेजी लायी गयी है.
