बेंगलुरु के स्टार्टअप कंपनी की CEO पर अपने चार साल के बेटे की हत्या का आरोप, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

सूचना मिली जिसके बाद एक पुलिस टीम होटल पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया. सीसीटीवी में कथित तौर पर आरोपी को अपने बेटे के बिना सर्विस अपार्टमेंट से निकलते हुए देखा गया. जानें आरोपी ने घटना को कैसे दिया अंजाम

कर्नाटक के बेंगलुरु से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो लोगों के बीच चर्चा कर विषय बन चुकी है. दरअसल, यहां एक 39 वर्षीय महिला जो स्टार्टअप की संस्थापक और सीईओ थी, उसपर उत्तरी गोवा के कैंडोलिम में एक सर्विस अपार्टमेंट में अपने चार वर्षीय बेटे की हत्या करने का आरोप लगा है. इतना ही नहीं उसपर बच्चे के शव को बैग में रखकर गोवा से कर्नाटक वापस जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेने का आरोप भी लगाया गया है. इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर प्रकाशित की है. खबरों की मानें तो इस खबर ने सबको चौंका दिया है. हालांकि जांचकर्ताओं को अभी तक ऐसा क्यो किया गया ? इस सवाल का जवाब नहीं मिला है. इस हत्या का खुलासा तब हुआ जब हाउसकीपिंग स्टाफ के एक सदस्य को उस अपार्टमेंट की सफाई करते समय खून का धब्बा मिला, जहां से आरोपी ने सोमवार सुबह चेक-आउट किया था.

हिरासत में लिया गया आरोपी को

खबरों की मानें तो गोवा पुलिस की सूचना के बाद आरोपी को कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के ऐमंगला पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया. इसके बाद कलंगुट से एक पुलिस टीम आरोपी को हिरासत में लेने और उसे ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लाने के लिए सोमवार देर रात कर्नाटक पहुंची. कैलंगुट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर परेश नाइक ने जानकारी दी कि शनिवार को कैंडोलिम के होटल सोल बनयान ग्रांडे के कमरा नंबर 404 में चेक इन करते समय आरोपी ने बेंगलुरु का पता दिया था. होटल के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि जब आरोपी ने बेंगलुरु लौटने के लिए टैक्सी लेने की इच्छा जताई, तो उसे सलाह दी गई कि फ्लाइट लेना उसके लिए आसान रहेगा. जब उसने सड़क मार्ग से यात्रा करने पर जोर दिया, तो होटल ने एक स्थानीय टैक्सी की व्यवस्था कर दी.

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बेटे को लेकर आरोपी ने क्या कहा

उत्तरी गोवा के एसपी निधिन वलसन ने मामले को लेकर जानकारी दी कि सुबह 11 बजे के आसपास खून के धब्बे की सूचना मिली जिसके बाद एक पुलिस टीम होटल पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया. सीसीटीवी में कथित तौर पर आरोपी को अपने बेटे के बिना सर्विस अपार्टमेंट से निकलते हुए देखा गया. इसके बाद टैक्सी ड्राइवर को फोन किया गया और उसे आरोपी को फोन देने के लिए कहा गया. अपने बेटे के बारे में पूछे जाने पर, आरोपी ने दावा किया कि उसने उसे फतोर्दा में एक दोस्त के घर पर छोड़ दिया था. मित्र का पता बताने के लिए कहा गया तो उसने जो पता बताया वो फर्जी निकला.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वह बच्चे को पिता से नहीं मिलने देना चाहती थी. इस वजह से यह खौफनाक कदम उठाया.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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