बढ़ सकता है लॉकडाउन, राज्यों की सलाह पर विचार कर रही है केंद्र सरकार

Coronavirus India Lockdown भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) का मामला लगातार बढ़ता रहा है. संक्रमितों की संख्‍या तेजी से आगे बढ़ रही है. ताजा अपडेट के अनुसार इस समय देश में 4421 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 114 लोगों की मौत हो गयी है. थोड़ी राहत भरी बात है कि देश में 326 कोरोना मरीज ठीक होकर घर लौट गये हैं.

नयी दिल्‍ली : भारत में कोरोना वायरस का मामला लगातार बढ़ता रहा है. संक्रमितों की संख्‍या तेजी से आगे बढ़ रही है. ताजा अपडेट के अनुसार इस समय देश में 4421 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 114 लोगों की मौत हो गयी है. थोड़ी राहत भरी बात है कि देश में 326 कोरोना मरीज ठीक होकर घर लौट गये हैं.

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इस बीच एक खबर इस समय मीडिया में चल रही है कि लॉकडाउन को केंद्र सरकार आगे बढ़ा सकती है. हालांकि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के सवाल पर साफ कर दिया कि अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है. उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन से ऐसी कोई भी खबर नहीं चलाना चाहिए जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति उत्‍पन्‍न हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी वो 14 अप्रैल को खत्‍म होने वाला है. जैसे-जैसे दिन करीब आ रहे हैं, खबरें आ रही हैं कि 14 के बाद भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जा सकता है. हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

दरअसल राज्‍य सरकारों ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाए. मीडिया में जो खबरें हैं उसके अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया है कि कई सारे राज्यों और विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार से देश में जारी लॉकडाउन को बढ़ाने का आग्रह किया है. केंद्र सरकार राज्यों और विशेषज्ञों की सलाह पर विचार कर रही है.

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दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए लोगों से ‘लंबी लड़ाई’ लड़ने के लिए तैयार रहने की अपील की है.

पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर निकलने और घातक महामारी के आर्थिक प्रभाव पर लगाम लगाने के लिए योजनाएं बनाएं. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की योजनाएं भी बनाई जाएं.

सरकार ने सभी सांसदों के वेतन में एक वर्ष के लिए 30 फीसदी कटौती करने की भी घोषणा की है और दो वर्षों तक उनके क्षेत्रीय विकास कोष को भी रोक दिया जाएगा जो करीब आठ हजार करोड़ रुपये बनता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संकेत दिए कि बीमारी ‘स्थानीय समुदाय संचरण’ के चरण में है और कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही काफी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं और संकेत दिए हैं कि उत्तरप्रदेश सहित कुछ इलाकों को पूरी तरह लॉकडाउन से छूट नहीं दी जा सकती है.

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तेलंगाना की सरकार ने केंद्र से कहा है कि लॉकडान को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाए वहीं महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि किसी को भी यह नहीं मानना चाहिए 15 अप्रैल के बाद राज्य में लॉकडाउन पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

असम की सरकार ने संकेत दिए कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद राज्य में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था लागू की जा सकती है. मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद् को वीडियो कांफ्रेंस से संबोधित करते हुए उनसे कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव से लड़ने के लिए युद्ध स्तर पर व्यवसायिक कामकाज जारी रखने की तैयारी करें. साथ ही उन्होंने कहा कि यह संकट ‘मेक इन इंडिया’ के कदम को आगे बढ़ाने और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने का अवसर है.

उन्होंने लॉकडाउन से चरणबद्ध तरीके से बाहर निकलने के संकेत दिए और कहा कि ‘जो स्थान वायरस संक्रमण का केंद्र नहीं हैं वहां धीरे-धीरे विभागों को खोला जाए. मोदी ने कहा, यह लंबी लड़ा��� होने जा रही है. हमें थकना नहीं है या हारा हुआ महसूस नहीं करना है. इस लंबी लड़ाई में हमें जीतना है. हमें विजयी होना है. आज राष्ट्रीय लक्ष्य, मिशन और प्रतिबद्धता एक हैं और कोरोना वायरस महमारी के खिलाफ लड़ाई में हमें जीतना है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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