CassMae: जर्मन सिंगर कैसेंड्रा माई स्पिटमैन ने पीएम मोदी की तारीफ की, बताया मजाकिया

CassMae: कैसेंड्रा माई स्पिटमैन तब चर्चा में आईं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी चर्चा अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में किया था. तब लोगों को यह पता चला कि वह कई भारतीय भाषाओं में गीत, विशेषकर भक्ति गीत गाती हैं.

CassMae: जर्मन सिंगर कैसेंड्रा माई स्पिटमैन कुछ दिनों से मीडिया की सुर्खियों में छायी हुई हैं. राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा से पहले राम आएंगे गाना गाकर उन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल की. उनके गाये भारतीय गाने सोशल मीडिया में काफी पंसद किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जर्मन सिंगर के गाने काफी पंसद आये. मंगलवार 27 फरवरी को पीएम मोदी ने कैसेंड्रा माई और उनकी मां से तमिलनाडु में मुलाकात की. उस मुलाकात में पीएम मोदी के साथ क्या-क्या बातें हुईं, इसके बारे में जर्मन सिंगर ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया.

जर्मन सिंगर ने पीएम मोदी को बताया बेहतरीन इंसान

जर्मन सिंगर कैसेंड्रा माई स्पिटमैन ने पीएम मोदी के साथ मुलाकात को बेहद दिलचस्प बताया. उन्होंने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उन्हें बेहतरीन इंसान बताया और कहा- काफी मजाकिया हैं. कैसेंड्रा माई ने बताया, पीएम मोदी के साथ उन्होंने जुगलबंदी की. उन्होंने बताया, पीएम मोदी को उसने तमिल गाना और अच्युतम केशवम गाकर सुनाया, जिसपर पीएम मोदी ने टेबल बजाकर मेरा साथ दिया.

CassMae: जर्मन सिंगर ने बताया, कैसे हुआ भारतीय संगीत से जुड़ाव

जर्मन सिंगर कैसेंड्रा माई स्पिटमैन ने बताया कि उनका जुड़ाव भारतीय संगीत के साथ कैसे हुआ? कैसेंड्रा माई स्पिटमैन ने कहा, मैंने इसे संयुक्त राज्य अमेरिका में खोजना शुरू किया. मैं वहां पांच सप्ताह तक थी और मैंने बहुत सारे भारतीय संगीत और मंत्रों की खोज की. मैं नहीं जानती कि मैंने ऐसा क्यों किया. यह मुझे बहुत परिचित लगा. उन्होंने कहा, मैं बहुत सम्मानित और धन्य हूं कि मैंने इसे सुना.

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया था जिक्र

कैसेंड्रा माई स्पिटमैन तब चर्चा में आईं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी चर्चा अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में किया था. तब लोगों को यह पता चला कि वह कई भारतीय भाषाओं में गीत, विशेषकर भक्ति गीत गाती हैं. उस समय पीएम मोदी ने बताया था कि वह कभी भी भारत नहीं आई हैं, लेकिन वो भारतीय संगीत की दीवानी हैं. जिसने कभी भारत को देखा तक नहीं. उसकी भारतीय संगीत में रूचि बहुत ही प्रभावित करने वाली है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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