कैप्टन शिवा चौहान सियाचिन ग्लेशियर में 15600 फुट की ऊंचाई पर तैनात, ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैप्टन चौहान को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह अधिक महिलाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होते हुए एवं उन्हें हर चुनौती को अपनाते हुए देखकर खुश हैं.

सेना की इंजीनियर कोर की कैप्टन शिवा चौहान को सियाचिन ग्लेशियर में अग्रिम पंक्ति की चौकी में तैनात किया गया है. दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में तैनात होने वाली शिवा पहली महिला अधिकारी बन गयी हैं. सेना ने कहा कि कैप्टन चौहान दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में अभियानगत रूप से तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं.

15,600 फुट की ऊंचाई पर कुमार चौकी में तैनात हुई कैप्टन शिवा चौहान

सेना के अधिकारियों ने बताया कि महिला अधिकारी को सोमवार को सियाचिन में लगभग 15,600 फुट की ऊंचाई पर स्थित कुमार चौकी में तीन महीने के लिए तैनात किया गया.

राजनाथ सिंह ने कैप्टन चौहान को शुभकामनाएं दीं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैप्टन चौहान को अपनी शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह अधिक महिलाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होते हुए एवं उन्हें हर चुनौती को अपनाते हुए देखकर खुश हैं. उन्होंने ट्वीट किया, शानदार समाचार! सशस्त्र बलों में और अधिक महिलाओं को शामिल होते देख और उन्हें हर चुनौती का डटकर सामना करते हुए देखकर मैं बेहद खुश हूं. यह एक उत्साहजनक संकेत है. कैप्टन शिवा चौहान को मेरी शुभकामनाएं.

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सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा militarized zone

कारकोरम रेंज में लगभग 20,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया के सबसे ऊंचे militarized zone के रूप में जाना जाता है, जहां सैनिकों को भीषण ठंड और तेज हवाओं से जूझना पड़ता है. सेना ने एक बयान में कहा, भारतीय सेना के लिए यह गर्व का क्षण था जब कैप्टन शिवा चौहान अन्य कर्मियों के साथ सियाचिन बैटल स्कूल में एक महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में अभियानगत रूप से तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं.

राजस्थान की रहने वाली हैं शिवा चौहान

राजस्थान निवासी कैप्टन शिवा चौहान एक ‘बंगाल सैपर’ अधिकारी हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा उदयपुर से पूरी की है और एनजेआर प्रौद्योगिकी संस्थान, उदयपुर से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है.

11 साल की उम्र में हो गया था पिता का निधन, मां ने पढ़ाया

कैप्टन शिवा चौहान जब 11 साल की थीं तो उनके पिता का निधन हो गया था. उनकी मां ने उनकी पढ़ाई का ध्यान रखा. उनके मन में बचपन से ही भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की इच्छा थी और अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए), चेन्नई में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने अद्वितीय जोश दिखाया तथा मई 2021 में उन्हें इंजीनियर रेजिमेंट में नियुक्त किया गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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