Cabinet Meeting: किसानों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, खरीफ फसलों पर बढ़ाई एमएसपी

Cabinet Meeting: केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को पांच अहम फैसले लिए गए. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी है. वैष्णव ने कहा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 2,07,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.

Cabinet Meeting: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पांच अहम फैसले लिए गए. बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा “किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. पिछले 10 से 11 सालों में खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में भारी बढ़ोतरी की गई है. इसी कड़ी में, खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए एमएसपी को कैबिनेट की ओर से मंजूरी दी गई है. कुल राशि लगभग 2,07,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. हर फसल के लिए लागत प्लस 50 फीसदी को ध्यान में रखा गया है.”

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने 2025-26 के खरीफ सत्र के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बुधवार को तीन फीसदी बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया. सामान्य और ‘ए’ ग्रेड किस्मों के लिए समर्थन मूल्य 2025-26 फसल वर्ष के आगामी खरीफ सत्र के लिए 69 रुपये बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.

दालों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया

वहीं, दालों की बात करें तो 2025-26 के खरीफ सत्र के लिए तुअर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 450 रुपये बढ़कर 8,000 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द का 400 रुपये बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति क्विंटल और मूंग का 86 रुपये बढ़ाकर 8,768 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सरकार ने 2025-26 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी को बढ़ा दिया है, ताकि किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके.

इसके अलावा रामतिल, रागी, कपास और तिल के लिए एमएसपी में पिछले साल की तुलना में उच्चतम पूर्ण वृद्धि की सिफारिश की गई है. खरीफ फसलों के 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर करने की घोषणा की गई थी. केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि केसीसी के माध्यम से संस्थागत ऋण वितरण 2014 के 4.26 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर दिसंबर 2024 तक 10.05 लाख करोड़ रुपये हो गया. समग्र कृषि ऋण भी 2013-14 के 7.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 25.49 लाख करोड़ रुपये हो गया. (भाषा)

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Author: Pritish Sahay

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