Cabinet Meeting: 31 घंटे की यात्रा 17 घंटे में, मोदी सरकार ने नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट गलियारे के निर्माण को दी मंजूरी

Cabinet Meeting: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र में 19142 करोड़ रुपये की कुल लागत से छह लेन वाले नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट गलियारे के निर्माण को बुधवार को मंजूरी दे दी. इसके तैयार होने से 31 घंटे की यात्रा अब केवल 17 घंटे में पूरी हो जाएगी.

Cabinet Meeting: 374 किलोमीटर लंबी यह परियोजना बनाओ-चलाओ-सौंप दो (बीओटी) टोल मोड पर बनाई जाएगी. इस परियोजना के माध्यम से नासिक, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शहरों को कुरनूल से जोड़ा जाएगा.

नए गलियारे को इन महामार्ग से जोड़ा जाएगा

नासिक से अक्कलकोट तक प्रस्तावित नए गलियारे को वधावन बंदरगाह इंटरचेंज के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से, नासिक में एनएच-60 (अदेगांव) के जंक्शन पर आगरा-मुंबई गलियारे से और पांगरी (नासिक के पास) में समृद्धि महामार्ग से जोड़ा जाना है. प्रस्तावित गलियारा पश्चिमी तट से पूर्वी तट तक सीधा संपर्क प्रदान करेगा. चेन्नई बंदरगाह की ओर से, चेन्नई से तिरुवल्लूर, रेनिगुंटा, कडप्पा और कुरनूल होते हुए हासपुर (महाराष्ट्र सीमा) तक चार-‘लेन’ वाले गलियारे का निर्माण कार्य पहले से ही प्रगति पर है. यह 700 किलोमीटर लंबा होगा.

31 घंटे की यात्रा केवल 17 घंटे में होगी पूरी

प्रस्तावित छह लेन वाले इस नए गलियारे का उद्देश्य यात्रा दक्षता में सुधार करना है. इससे यात्रा का समय 31 घंटे से कम होकर 17 घंटे रह जाएगा. साथ ही यात्रा की दूरी 201 किलोमीटर कम होने की उम्मीद है. छह लेन का यह प्रवेश-नियंत्रित नए गलियारे पर 60 किमी/घंटे की औसत से वाहन गति चल पाएंगे जबकि इसको तैयार 100 किमी/घंटे की गति के लिए किया गया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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