BSF Jawan: 21 दिन बाद वीडियो कॉल पर हुई बात, PAK से लौटे जवान की पत्नी ने पीएम मोदी पर कह दी बड़ी बात

BSF Jawan: पाकिस्तान की हिरासत में 21 दिन गुजारने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ की बुधवार को सुरक्षित भारत वापसी हो गई है. भारत-पाकिस्तान सीजफायर के बाद प्रोटोकॉल के तहत शांतिपूर्ण तरीके से उन्हें भारत भेजा गया. बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स ने शॉ को बुधवार सुबह 10.30 बजे पंजाब में अटारी-वाघा सीमा पर भारत के सुपुर्द कर दिया. बीएसएफ जवान की सकुशल वापसी से उनकी पत्नी सहित पूरे परिवार के लोग जमकर खुशी मना रहे हैं.

BSF Jawan: 23 अप्रैल 2025 से पाकिस्तान रेंजर्स की हिरासत में रहे बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को आज भारत वापस लाया गया. पश्चिम बंगाल में उनकी पत्नी रजनी शॉ ने कहा, “मैं आज बहुत खुश हूं. सुबह एक अधिकारी फोन आया. मेरे पति ने भी मुझे वीडियो कॉल किया. वो शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं. उन्होंने मुझे कहा कि टेंशन मत लो, वो ठीक हैं और 3 बजे फोन करेंगे. मैंने 3-4 दिन पहले उनसे (सीएम) बात की थी, उन्होंने मुझे कहा कि टेंशन मत लो और मेरे पति इस हफ्ते वापस आ जाएंगे. वो भी बीएसएफ अधिकारियों से बात कर रही थीं. मुझे सबका समर्थन मिला, पूरा देश मेरे साथ खड़ा था. इसलिए, हाथ जोड़कर सबका धन्यवाद – आप सबकी वजह से मेरे पति भारत वापस आ पाए.

पीएम मोदी हैं तो सब कुछ संभव है : पीएम मोदी

जवान की पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “पीएम मोदी हैं तो सब कुछ संभव है. जब 22 अप्रैल को पहलगाम हमला हुआ तो उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए 15-20 दिनों के अंदर सबके ‘सुहाग’ का बदला ले लिया. 4-5 दिन बाद उन्होंने मेरे ‘सुहाग’ को वापस ला दिया. इसलिए मैं हाथ जोड़कर उनका दिल से आभार व्यक्त करना चाहती हूं.”

परिवार वाले जवान का घर पर बेसब्री से कर रहे इंतजार

बीएसएफ जवान शॉ के परिवार के एक सदस्य ने कहा, “आज हम बेहद खुश हैं हम उन्हें सुरक्षित वापस लाने के केंद्र सरकार और बीएसएफ अधिकारियों के प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं. पिछले दो सप्ताह हमारे लिए अनिश्चितता से भरे रहे और हम सो नहीं सके. हम उनकी कुशलक्षेम को लेकर चिंतित थे.” शॉ के परिजन ने कहा, “अब हम उनसे बात करने और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हमारी प्रार्थना आखिरकार कुबूल हो गई.”

जवान की मेडिकल जांच, काउंसलिंग और डिब्रीफिंग होगी, पूछे जाएंगे सवाल

बीएसएफ जवान शॉ को पाकिस्तान रेंजर्स ने पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को फिरोजपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से पकड़ा था. भारत वापसी के बाद जवान की मेडिकल जांच, काउंसलिंग और डिब्रीफिंग सत्र होगा. जहां बीएसएफ के अधिकारी उनसे 21 दिनों की हिरासत से जुड़े प्रश्न पूछेंगे.

फिलहाल ड्यूटी में तैनात नहीं होंगे शॉ

24वीं बीएसएफ बटालियन के जवान पूर्णम कुमार शॉ को सक्रिय ड्यूटी में शामिल नहीं किया जाएगा और वह बीएसएफ की पंजाब फ्रंटियर द्वारा गठित आधिकारिक जांच में शामिल होंगे, ताकि रेंजर्स द्वारा उन्हें पकड़े जाने के क्रम की जांच की जा सके और यदि कोई चूक हुई हो तो उसका पता लगाया जा सके.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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