BSF Jawan: 23 अप्रैल 2025 से पाकिस्तान रेंजर्स की हिरासत में रहे बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को आज भारत वापस लाया गया. पश्चिम बंगाल में उनकी पत्नी रजनी शॉ ने कहा, “मैं आज बहुत खुश हूं. सुबह एक अधिकारी फोन आया. मेरे पति ने भी मुझे वीडियो कॉल किया. वो शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं. उन्होंने मुझे कहा कि टेंशन मत लो, वो ठीक हैं और 3 बजे फोन करेंगे. मैंने 3-4 दिन पहले उनसे (सीएम) बात की थी, उन्होंने मुझे कहा कि टेंशन मत लो और मेरे पति इस हफ्ते वापस आ जाएंगे. वो भी बीएसएफ अधिकारियों से बात कर रही थीं. मुझे सबका समर्थन मिला, पूरा देश मेरे साथ खड़ा था. इसलिए, हाथ जोड़कर सबका धन्यवाद – आप सबकी वजह से मेरे पति भारत वापस आ पाए.
पीएम मोदी हैं तो सब कुछ संभव है : पीएम मोदी
जवान की पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “पीएम मोदी हैं तो सब कुछ संभव है. जब 22 अप्रैल को पहलगाम हमला हुआ तो उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए 15-20 दिनों के अंदर सबके ‘सुहाग’ का बदला ले लिया. 4-5 दिन बाद उन्होंने मेरे ‘सुहाग’ को वापस ला दिया. इसलिए मैं हाथ जोड़कर उनका दिल से आभार व्यक्त करना चाहती हूं.”
परिवार वाले जवान का घर पर बेसब्री से कर रहे इंतजार
बीएसएफ जवान शॉ के परिवार के एक सदस्य ने कहा, “आज हम बेहद खुश हैं हम उन्हें सुरक्षित वापस लाने के केंद्र सरकार और बीएसएफ अधिकारियों के प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं. पिछले दो सप्ताह हमारे लिए अनिश्चितता से भरे रहे और हम सो नहीं सके. हम उनकी कुशलक्षेम को लेकर चिंतित थे.” शॉ के परिजन ने कहा, “अब हम उनसे बात करने और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हमारी प्रार्थना आखिरकार कुबूल हो गई.”
जवान की मेडिकल जांच, काउंसलिंग और डिब्रीफिंग होगी, पूछे जाएंगे सवाल
बीएसएफ जवान शॉ को पाकिस्तान रेंजर्स ने पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को फिरोजपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से पकड़ा था. भारत वापसी के बाद जवान की मेडिकल जांच, काउंसलिंग और डिब्रीफिंग सत्र होगा. जहां बीएसएफ के अधिकारी उनसे 21 दिनों की हिरासत से जुड़े प्रश्न पूछेंगे.
फिलहाल ड्यूटी में तैनात नहीं होंगे शॉ
24वीं बीएसएफ बटालियन के जवान पूर्णम कुमार शॉ को सक्रिय ड्यूटी में शामिल नहीं किया जाएगा और वह बीएसएफ की पंजाब फ्रंटियर द्वारा गठित आधिकारिक जांच में शामिल होंगे, ताकि रेंजर्स द्वारा उन्हें पकड़े जाने के क्रम की जांच की जा सके और यदि कोई चूक हुई हो तो उसका पता लगाया जा सके.
