BrahMos Missile भारत ने बुधवार को अंडमान और निकोबार में सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, विस्तारित दूरी की इस मिसाइल ने सटीक सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेदा है. बता दें कि एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए केंद्रशासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में मौजूद थे. अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के इस सफल परीक्षण को लेकर एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने शुभकामनाएं दी हैं.
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. भारत के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है. इस मिसाइल परीक्षण को देखने के लिए एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी समेत अन्य रक्षा अधिकारी मौजूद थे.
9 मार्च को दुर्घटनावश पाकिस्तान में जाकर गिरी थी मिसाइल
इधर, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के चूक दगने के हादसे की विस्तृत जांच वायुसेना मुख्यालय के एक एयर वाइस मार्शल कर रहे हैं. 9 मार्च को यह मिसाइल दुर्घटनावश पाकिस्तान में जाकर गिरी थी. सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रथमदृष्टया ग्रुप कैप्टन रैंक के एक अधिकारी को इसका कसूरवार माना जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दोषी माने जा रहे अधिकारी मिसाइल सिस्टम के मोबाइल कमांड पोस्ट के इंचार्ज थे और अपने होमबेस पर कमांड एयर स्टाफ इंस्पेक्शन के दौरान दुर्घटनावश मिसाइल फायर हो गई. वहीं, सूत्रों का कहना है कि समयबद्ध तरीके से जांच पूरी होगी और इसके बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी.
घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश
15 मार्च को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि पाकिस्तान में जाकर गिरी मिसाइल के दुर्घटनावश लांच की घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय मिसाइल प्रणाली पूरी तरह से विश्वसनीय और सुरक्षित है. भारतीय सशस्त्र बल ऐसी प्रणालियों को संभालने में पूरी तरह से सक्षम हैं. इधर, पाकिस्तान इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ उठाने की कोशिश कर रहा है.
