BJP: हर बूथ को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही भाजपा

पार्टी ने हर बूथ के आंकड़ों का विश्लेषण कर रणनीति तैयार की है और इस रणनीति को अमल में लाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गयी है और इन नेताओं के कामकाज की निगरानी स्वयं गृह मंत्री कर रहे हैं.

BJP: दिल्ली की सत्ता से 27 साल का वनवास खत्म करने के लिए भाजपा ने व्यापक रणनीति तैयार की है. पार्टी की कोशिश बूथ प्रबंधन को मजबूत करने की है. हर सीट पर मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए मेरा बूथ, सबसे मजबूत अभियान चलाया गया. पार्टी ने हर बूथ के आंकड़ों का विश्लेषण कर रणनीति तैयार की है और इस रणनीति को अमल में लाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गयी है. पार्टी ने हर बूथ के ऐसे मतदाता जो दूसरे राज्यों से जुड़े हुए है, उनके संपर्क साधने का काम उसी राज्य के नेता को दिया गया है.

इन मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करने को कहा गया है. मतदान के दिन ऐसे मतदाताओं की दिल्ली में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए पार्टी तैयारी कर रही है. पार्टी ने हर विधानसभा क्षेत्र के ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार की है, जो दिल्ली से बाहर है. पार्टी ने दिल्ली चुनाव के लिए 27 वरिष्ठ नेताओं को दो-दो विधानसभा क्षेत्र का जिम्मा सौंपा है और नेताओं को पार्टी के पक्ष में 50 फीसदी मत हासिल करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है. 

फीडबैक से तय होती है आगे की रणनीति


भाजपा द्वारा तैनात इन 27 वरिष्ठ नेताओं की हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मैराथन बैठक हुई थी. वहीं पूर्वांचल के नेताओं के साथ संगठन महामंत्री बीएल संतोष की बैठक में नेताओं को दिल्ली चुनाव जीतने के लिए बूथ के माइक्रो मैनेजमेंट करने पर जोर दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि इन 27 नेताओं के कामकाज की निगरानी स्वयं गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं. इन नेताओं से मिले फीडबैक की रोजाना समीक्षा की जाती है और इसके आधार पर पार्टी चुनावी रणनीति तैयार करती है. इसके अलावा संघ के कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक की भी समीक्षा होती है और पार्टी जरूरी मुद्दे और नारे को तय करती है. गृह मंत्री अमित शाह की कोशिश बेहतर बूथ प्रबंधन पर है. 

बूथ प्रबंधन पर जोर

भाजपा का मानना है कि केजरीवाल को लेकर लोगों में पहले जैसा आकर्षण नहीं है और इस बार भाजपा के चुनाव जीतने की संभावना अधिक है. गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के कारण पार्टी को हरियाणा और महाराष्ट्र में बूथ प्रबंधन के कारण बड़ी जीत मिल चुकी है. इसी मॉडल को दिल्ली में अपनाकर पार्टी 27 साल के वनवास को खत्म करना चाहती है. यही कारण है कि भाजपा ने बड़ी रैलियों की बजाय छोटी-छोटी जनसभाओं को अधिक महत्व दे रही है. इस बार पार्टी हर बूथ पर पिछली बार की तुलना में अधिक मतदान कराने को लेकर सक्रिय है.पार्टी हर राज्य के मतदाता तेलगु, मराठी, बंगाली को साधने के लिए रणनीति तैयार की है. 

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