Anil Antony: बीजेपी में शामिल होने से दुखी ए के एंटनी के लिए बेटे अनिल ने कह दी बड़ी बात

भाजपा नेता अनिल एंटनी अपने पिता एके एंटनी के बयान पर कहा, वह मेरे पिता हैं. वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनके लिए मेरे मन में सबसे ज्यादा सम्मान और स्नेह है लेकिन राजनीति अलग है, व्यक्तिगत पसंद अलग है… एक दूसरे के लिए हमारा प्यार किसी भी तरह से नहीं बदलेगा.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री व केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ए के एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने भाजपा का दामन थाम लिया है. लेकिन बेटे के इस फैसले से पिता एके एंटनी काफी दुखी हुए. उन्होंने कहा था कि अनिल के फैसले से उन्हें आहत किया. अब पिता के बयान पर बेटे अनिल की प्रतिक्रया आयी है.

पिता के लिए सम्मान कभी कम नहीं होगा, लेकिन पसंद अलग

भाजपा नेता अनिल एंटनी अपने पिता एके एंटनी के बयान पर कहा, वह मेरे पिता हैं. वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनके लिए मेरे मन में सबसे ज्यादा सम्मान और स्नेह है लेकिन राजनीति अलग है, व्यक्तिगत पसंद अलग है… एक दूसरे के लिए हमारा प्यार किसी भी तरह से नहीं बदलेगा.

भाजपा में शामिल होने के अनिल के फैसले से दुख हुआ है : एंटनी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी ने बृहस्पतिवार को अपने बेटे अनिल के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के फैसले पर दुख जताते हुये यहां कहा कि वह (एके एंटनी) आखिरी सांस तक कांग्रेस का कार्यकर्ता बने रहेंगे. उन्होंने कहा, मैं भाजपा में शामिल होने के अनिल के फैसले से बेहद दुखी हूं. यह एक गलत फैसला है. कांग्रेस नेता ने कहा, मैं अब 82 साल का हो गया हूं. मैं अपने जीवन के अंतिम चरण में हूं. मुझे नहीं पता कि मैं कब तक जीवित रहूंगा और लंबे जीवन की कामना मुझे नहीं है. मैं जब तक जीवित रहूंगा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कार्यकर्ता बन कर जीऊंगा.

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भाजपा में शामिल होते ही एंटनी ने कांग्रेस पर निशाना साधा

भाजपा में शामिल होते ही एंटनी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि उनका धर्म राष्ट्र के लिए काम करना है ना कि एक परिवार के लिए काम करना. संस्कृत के प्रचलित श्लोक ‘धर्मो रक्षति रक्षित:’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, आजकल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगता है कि उनका धर्म एक परिवार के लिए काम करना है. मेरा धर्म राष्ट्र के लिए काम करना है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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