एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया इंजीनियर

ठेकेदार को 31.57 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था, जबकि उनके हिस्से के भुगतान का एक बड़ा हिस्सा चुका दिया गया था. ठेकेदार को अभी भी 2.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना शेष था जिसे वह निकालने के लिए पहुंचा तो इंजिनियर ने रिश्वत मांगी. जानें क्या हुआ इसके बाद

महाराष्ट्र से एक ऐसी खबर सामने आई जो पूरे देश में चर्चा का केंद्र बनी हुई है जिसे अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित की है. खबर है कि राज्य के उद्योग विकास निकाय यानी एमआईडीसी के एक सहायक इंजीनियर को घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इंजीनियर पर एक सिविल कार्य ठेकेदार के लंबित बिल को मंजूरी देने के लिए कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है. अधिकारियों ने दावा किया कि यह इस साल राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा उजागर किए गए सबसे बड़े रिश्वतखोरी में से एक है.

जो बात सामने आई है उसके अनुसार, एसीबी की नासिक इकाई ने अहमदनगर में एमआईडीसी से जुड़े सहायक इंजीनियर अमित गायकवाड़ को ठेकेदार से एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. एसीबी अधिकारियों ने कहा कि उनके डिप्टी गणेश वाघ आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद से फरार हैं. बताया जा रहा है कि ठेकेदार को 31.57 करोड़ रुपये का पानी पाइपलाइन का ठेका दिया गया था, जबकि उनके हिस्से के भुगतान का एक बड़ा हिस्सा चुका दिया गया था. ठेकेदार को अभी भी 2.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना शेष था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >