एक वंश प्रधानमंत्री मोदी को बर्बाद करने में लगा है : जे पी नड्डा

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने चीन के साथ सीमा पर चल रहे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सोमवार को जोरदार हमला बोला.

नयी दिल्ली : भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने चीन के साथ सीमा पर चल रहे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सोमवार को जोरदार हमला बोला.

उन्होंने कहा कि रक्षा और विदेश नीति से संबंधित मुद्दों के ‘‘राजनीतिकरण” का उनका प्रयास एक वंश के पिछले ‘‘पापों”को धोने की हताशा और मोदी को ‘‘बर्बाद” करने की कोशिश को दर्शाता है.

नड्डा ने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ऐसे बयान दे रहे हैं जो ‘‘तथ्यों में कमजोर” और ‘‘कीचड़ उछालने में मजबूत” हैं. उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट कर आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में चाहे वह डोकलाम का मामला हो या चीन के साथ मौजूदा गतिरोध का मुद्दा, राहुल गांधी भारतीय सशस्त्र बलों पर विश्वास करने की बजाय चीन की ओर से दी गई जानकारियों को तरजीह देते हैं.

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उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों के राजनीतिकरण का प्रयास एक वंश की 1962 के पिछले पापों को धोने और भारत को कमजोर करने की हताशा को दर्शाता है.” नड्डा ने कहा, ‘‘चाहे वह डोकलाम का मामला हो या अभी का, हाल के वर्षों में राहुलजी भारतीय सशस्त्र बलों पर विश्वास करने की बजाय चीन की ओर से दी गई जानकारी में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं.

क्यों एक परिवार भारत को कमजोर और चीन को मजबूत देखना चाहता है. कांग्रेस में भी कई नेता एक वंश के इस छल को नापसंद करते हैं.” भाजपा अध्यक्ष की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध की पृष्ठभूमि में दावा किया कि यह सीमा विवाद से जुड़ा एक साधारण मामला भर नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री की ‘56 इंच वाली छवि’ पर हमले की चीन की साजिश है. गांधी ने कहा कि चीन प्रधानमंत्री पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि वे वैसा ही करें जैसा चीन चाहता है, नहीं तो वह उनकी मजबूत नेता की छवि को धूमिल कर देगा.

दबाव में आकर वह अपनी छवि बचाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी स्पष्ट करेंगे कि उन्हें अपनी छवि की चिंता नहीं है और वह चीनी चुनौती को स्वीकार करते हैं? गांधी की ओर से सोमवार को लद्दाख गतिरोध पर जारी ताजा वीडियो को खुद को पुनः स्थापित करने का उनका ‘‘असफल प्रयास” करार देते हुए नड्डा ने कहा कि चीन ने ‘‘एक वंश में रणनीतिक निवेश किया है जिसका उसे बड़ा लाभांश भी मिला है.”

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप चीन ने कांग्रेस-नीत संप्रग की सरकार के कार्यकाल में जमीन पर कब्जा किया. मोदी की आलोचना पर पलटवार करते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘सालों से एक परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बर्बाद करने की कोशिश करता रहा है. उनके लिए दुखद यह है कि प्रधानमंत्री मोदी का 130 करोड़ भारतीय जनता से गहरा जुड़ाव है. वे उनके लिए जीते हैं और काम करते हैं. जो उन्हें बर्बाद करना चाहते हैं वे खुद अपनी ही पार्टी को तबाह कर देंगे.”

बाद में संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी गांधी परिवार को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद भारत की विदेश और रक्षा नीति से कहीं अधिक गांधी परिवार की ‘‘निजी और दुर्भाग्यपूर्ण विरासत” का मामला है.

राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि चीन के रणनीतिक खाके को समझने में उनके परिवार की चार पीढ़ियां लग गई जबकि यह 1950 में ही स्पष्ट हो गया था जब पड़ोसी देश ने भारतीय क्षेत्र में एक सड़क निर्माण किया था. इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रुख का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि मनमोहन सिंह और नेहरू अकादमिक मामले में सबसे योग्य प्रधानमंत्री रहे लेकिन वे भी चीन के रणनीतिक खाके को नहीं ‘‘समझ” सके.

उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रकार का हल्ला मचाने की राहुल गांधी की आदत बन गई है. ऐसा करके वह राष्ट्रीय हितों का नुकसान ही कर रहे हैं. सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष की भूमिका भी वे नहीं निभा रहे हैं.” त्रिवेदी ने कहा कि 1962 का युद्ध हो, 1965 का युद्ध हो या 1971 का युद्ध हो, तब भाजपा नहीं थी, तब भारतीय जनसंघ के रूप में जिस प्रकार का सहयोग और समर्थन दिया था उसकी नेहरू ने भूरि-भूरि प्रशंसा की थी.

राहु्ल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘वो हमारा चरित्र था और आपका चरित्र आज दिखाई दे रहा है.” भाजपा के ही एक अन्य प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने गांधी पर प्रधानमंत्री मोदी को ‘‘अपमानित” करने का आरोप लगाया और कहा कि वे लगातार दूसरी बार भारी बहुमत से जीतकर आने के बाद प्रधानमंत्री बने हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मोदी आज एक वैश्विक नेता हैं और दुनिया भी उनके नेतृत्व की सराहना करती है. उनके प्रति ईर्ष्या का भाव रखने की बजाय राहुल को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए.’

Posted By – Pankaj Kumar pathak

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