लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध करने पर बेटी ने पार्टनर के साथ मिलकर मां-बाप और बहन की हत्या की

Bengaluru Triple Murder : लिव-इन रिलेशनशिप का माता-पिता द्वारा विरोध करने पर बेटी इतनी नाराज हुई कि उसने अपने माता-पिता की हत्या कर दी. यह घटना बेंगलुरु शहर की है.

Bengaluru Triple Murder : बेंगलुरु से सोमवार सुबह एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है, जहां एक बेटी ने अपने मां-बाप के साथ अपनी छोटी बहन की हत्या अपने लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर कर दी. तीनों की हत्या चाकू से गोदकर उनके अपार्टमेंट के अंदर ही की गई है.

लिव-इन रिलेशनशिप हत्या की वजह

शुरुआती जांच में पुलिस को इस बात की आशंका है कि कपल की बड़ी बेटी श्वेता और उसके बॉयफ्रेंड केनेथ ने ही हत्या की अंजाम दिया है और इसकी वजह उनके लिव-इन रिलेशनशिप को माता-पिता द्वारा अस्वीकार करना है. पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि हत्या की मुख्य वजह कपल का लिव-इन रिलेशनशिप है, जिसका परिवार विरोध कर रहा था.पुलिस के मुताबिक, श्वेता और केनेथ सोमवार सुबह अपने माता-पिता के घर पहुंचे थे, उसी दौरान उनकी बहस हुई, जिसके बाद श्वेता और उसके लिव-इन पार्टनर ने उनकी हत्या कर दी.

हत्या के बाद फरार है श्वेता और उसका पार्टनर

इस ट्रिपल मर्डर केस में मारे गए लोगों की पहचान सोमा सुंदर (52), उनकी पत्नी मुथु लक्ष्मी (48) और उनकी बेटी सुप्रिया (19) के रूप में हुई है. इनकी हत्या के बाद श्वेता और उसका लिव इन पार्टनर फरार है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है. जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि श्वेता पर कथित तौर पर करीब 30 लाख रुपये का कर्ज था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसके माता-पिता उससे बढ़ते कर्ज के बारे में अक्सर पूछते थे, जिससे परिवार में तनाव रहता था.जांच करने वालों का मानना ​​है कि श्वेता और केनेथ सोमवार को परिवार के घर आए थे उसी दौरान यह घटना घटी.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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