45 सुरंगें, कुतुब मीनार से भी ऊंचा ब्रीज…बैराबी-सैरंग लाइन की ये है खासियत, रेल नेटवर्क से जुड़ा आइजोल

Bairabi Sairang Railway Line: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मिजोरम में बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन समेत 9000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की, जिसके साथ ही राज्य अब देश के रेलवे नेटवर्क के साथ पूरी तरह से जुड़ गया.

Bairabi Sairang Railway Line: 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पूर्वोत्तर राज्य की अपनी दूसरी यात्रा के दौरान, मोदी ने आइजोल और दिल्ली के बीच पहली राजधानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और रेल, राजमार्ग, ऊर्जा व खेल बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न रणनीतिक परियोजनाओं की शुरुआत की. मोदी ने आइजोल से लगभग 37 किलोमीटर दूर लेंगपुई हवाई अड्डे से परियोजनाओं की शुरुआत की, क्योंकि भारी बारिश के कारण उनका हेलीकॉप्टर शहर के मध्य में स्थित लामुअल ग्राउंड के लिए उड़ान नहीं भर सका, जहां से उन्हें राष्ट्र को विभिन्न पहल समर्पित करनी थीं और एक जनसभा को संबोधित करना था.

पीएम मोदी ने 8070 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन का किया उद्घाटन

पीएम मोदी ने 8,070 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन का उद्घाटन किया, जिसके तहत राज्य की राजधानी आइजोल को रेलवे नेटवर्क से जोड़ा गया. चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में बनी इस रेलवे लाइन के लिए जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों में 45 सुरंगें बनाई गई हैं.’’

51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन में ऊंचाई कुतुब मीनार से भी ऊंचा पुल

लगभग 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन परियोजना केंद्र की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना है. भारतीय रेलवे के इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन को 2008-09 में मंजूरी दी गई थी और इसका निर्माण 2015 में शुरू हुआ था. इस लाइन में 45 सुरंगें, 55 बड़े पुल और 87 छोटे पुल शामिल हैं. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सैरंग के पास स्थित पुल 114 मीटर ऊंचा है और इसकी ऊंचाई कुतुब मीनार से भी ज्यादा है। अधिकारी ने बताया कि यह देश का खंभों वाला सबसे ऊंचा पुल है.

बैराबी-सैरांग रेल मार्ग में 5 सड़क ओवरब्रिज और 6 अंडरपास

बैराबी-सैरांग रेल मार्ग में पांच सड़क ओवरब्रिज और छह अंडरपास भी हैं. इस रेल मार्ग पर बैराबी के अलावा चार मुख्य स्टेशन- होरटोकी, कावनपुई, मुआलखांग और सैरंग पड़ते हैं. मिजोरम और देश के बाकी हिस्सों के बीच सीधे रेल संपर्क से क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित, कुशल व किफायती यात्रा विकल्प मिलेगा.

नई रेल लाइन से क्या होगा मणिपुर को फायदा

नई रेल लाइन से मणिपुर को कई मायने में लाभ होगा. इससे खाद्यान्न, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की समय पर और विश्वसनीय आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी, जिससे समग्र रसद दक्षता और क्षेत्रीय पहुंच में वृद्धि होगी. नयी रेल लाइन से यात्री और माल ढुलाई की प्रक्रिया में सुधार होगा, यात्रा समय में कमी आएगी, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा मिजोरम की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी.

पीएम मोदी ने तीन नयी एक्सप्रेस ट्रेन को भी दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर तीन नयी एक्सप्रेस ट्रेन – सैरंग (आइजोल)-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) राजधानी एक्सप्रेस, सैरंग-गुवाहाटी एक्सप्रेस और सैरंग-कोलकाता एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई.

ये भी पढ़ें: PM Modi Gift To Manipur: पीएम मोदी ने इंफाल को दिया 1200 करोड़ का तोहफा, कहा- मणिपुर में किसी भी प्रकार की हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण

ये भी पढ़ें: PM Modi Manipur Visit: मणिपुर में अचानक हेलीकॉप्टर छोड़ सड़क मार्ग से क्यों चल दिए पीएम मोदी, सुरक्षाकर्मियों में मचा हड़कंप

ये भी पढ़ें: PM Modi in Manipur : विकास के लिए शांति जरूरी, चूड़ाचांदपुर में बोले पीएम मोदी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >