Badrinath Temple Donation Row: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप इस समिति की अध्यक्षता करेंगे.
पीए सस्पेंड, एफआईआर दर्ज
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने प्रशासनिक कार्रवाई की है. चेयरमैन के कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट (PA) प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है.
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
उच्च स्तरीय जांच समिति में गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप चेयरमैन होंगे, जबकि एनएचएम (NHM) के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप तिवारी और चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक कार्यालय में डायरेक्टर (फाइनेंस) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है. समिति को जांच के दौरान किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या संबंधित व्यक्ति से सहायता या राय लेने का अधिकार होगा. यह समिति मंदिर की दान प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के उपाय भी सुझाएगी.
बद्रीनाथ में चढ़ावे के कथित गबन की गहन जांच हो : मायावती
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने राम मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की गहन जांच कराए जाने की मांग की है. मायावती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अयोध्या में राम मन्दिर के बाद अब उत्तराखण्ड में बद्रीनाथ धाम चढ़ावा में कथित चोरी और गबन होने का मामला सुर्खियों में है. इन दोनों विख्यात धार्मिक स्थलों में इनके ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबंधकों की भी सही से जांच होनी चाहिये वरना आगे चलकर इनके स्थान पर बने मुख्य प्रबंधक भी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं.'' उन्होंने इसी पोस्ट में कहा, ''क्योंकि ऐसी आम चर्चा है कि निचले स्तर पर जो भी गड़बड़ी हुई है, उसमें या तो मुख्य प्रबंधकों की मिलीभगत है या फिर उनकी लापरवाही की वजह से यह सब हुआ है. अतः इस प्रकरण की सही तरीके से जांच बहुत जरूरी है तथा इस मामले में सरकार व एसआईटी को भी विशेष ध्यान देना है.''
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