बद्रीनाथ दान चोरी मामला: स्वामी कैलाशानंद और साध्वी निरंजन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

Badrinath Donation Theft Case: बद्रीनाथ धाम में दान के पैसे की कथित चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर संतों में गुस्सा है. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है.

Badrinath Donation Theft Case: आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने उत्तराखंड सरकार की SIT जांच का समर्थन किया. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा जताते हुए कहा कि कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा. उन्होंने कहा, "देश के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से तुरंत मुक्त किया जाना चाहिए. मंदिरों का प्रबंधन सरकार के पास नहीं, बल्कि संतों, सच्चे भक्तों और स्वतंत्र ट्रस्टों के हाथों में होना चाहिए." स्वामी कैलाशानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि पीएम खुद धार्मिक ट्रस्टों की पारदर्शिता को लेकर संवेदनशील हैं.

"खत्म हो VIP कल्चर, आम और खास को मिले बराबर सम्मान": साध्वी निरंजन ज्योति

NCBC की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा और सख्त कार्रवाई होगी. इसके साथ ही उन्होंने तीर्थस्थलों पर आम भक्तों की परेशानी का मुद्दा उठाते हुए कहा, "मंदिरों में VIP और आम जनता के लिए एक जैसी व्यवस्था होनी चाहिए. जैसा बेहतरीन प्रबंध वृंदावन में देखने को मिलता है, वैसा ही सभी तीर्थों में होना चाहिए ताकि आम आदमी भी बिना किसी भेदभाव के श्रद्धापूर्वक दर्शन कर सके."


ये भी पढ़ें: बद्रीनाथ दान चोरी मामला: वीआईपी खर्चों में हेरफेर, सरकार ने कार्रवाई का दिया निर्देश, 5 गवाहों के बयान दर्ज


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >