बद्रीनाथ में दान चढ़ावे के प्रकरण पर सरकार सख्त, उच्च स्तरीय कमेटी करेगी जांच, अनुशासनहीनता पर एक कर्मचारी निलंबित

Shri Badrinath Dham : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इस मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसने 15 दिनों में रिपोर्ट देनी होगी. वहीं, मंदिर समिति ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक कर्मचारी को निलंबित कर FIR दर्ज कराई है.

Shri Badrinath Dham : श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायत पर मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकार एक्शन मोड में नजर आई. इस मामले की गहन जांच के लिए आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है.

वहीं, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अनुशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है.

श्री बद्रीनाथ मंदिर में दान -चढ़ावे को लेकर अनियमितता की शिकायत पर गठित उच्च स्तरीय समिति में अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल के साथ प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं. सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी.

जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी. इसके साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी. दूसरी तरफ, श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है. पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 03 जुलाई 2026 को नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.

इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जांच समिति की प्रारंभिक आख्या का परीक्षण करने पर आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी. समिति ने यह भी माना कि कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है. निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है.

इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी तथा उन्हें जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही में अपेक्षित सहयोग देना अनिवार्य होगा. बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि समिति प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.


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By Satyendra Giri

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