Baba Siddique Murder: बाबा सिद्दीकी के अलावा हत्यारों की लिस्ट में उनके बेटे का भी था नाम, ऐसे बची जान

Baba Siddique Murder: पूर्व राज्य मंत्री बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अपराधियों के निशाने पर बाबा सिद्दीकी के अलावा उनके बेटे जीशान का भी नाम शामिल था. लेकिन अपराधियों के हमले में वो बाल-बाल बच गए.

Baba Siddique Murder: एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के अलावा उनके हत्यारों की लिस्ट में उनके बेटे जीशान का भी नाम शामिल था. खुद आरोपियों ने इसका खुलासा कर सबको चौंका दिया है. मुंबई पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उन्हें बाबा सिद्दीकी के साथ उनके बेटे जीशान को मारने की सुपारी मिली थी. न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि दोनों में से जो सामने आये उन्हें मार मार दें. हत्यारों ने बाबा सिद्दीकी की तो हत्या कर दी लेकिन उनके बेटे जीशान बाल-बाल बच गये.

जीशान को मिल रही थी फोन पर धमकियां
बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को घटना के कुछ दिन पहले से ही फोन पर धमकियां मिली थीं. शायद उस समय जीशान अपराधियों की मंशा को पूरी तरह ताड़ नहीं पाए थे. शनिवार (12 अक्टूबर) की शाम बाबा सिद्दीकी और उनके बेटे जीशान बांद्रा स्थित अपने ऑफिस में बैठे थे. इसी दौरान करीब साढ़े नौ बजे एक कार से तीन हमलावर उतरे और अंधाधुंध फायरिंग कर दी. तीनों अपने चेहरे को कपड़े से ढंके हुए थे. हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी को छह गोलियां मारी. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.  

जीशान की ऐसे बची जान
हत्यारे बाबा सिद्दीकी की हत्या करने में सफल रहे. हालांकि उनके निशाने पर जीशान भी थे. लेकिन, उनकी जान बच गई. बता दें ,जिस समय हत्यारे उनके पिता और उन्हें मारने के लिए कार से उतरे उसी दौरान किसी का फोन आ गया. फोन रीसिव करने जीशान दफ्तर में वापस आ गये. इतने में हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर बाबा सिद्दीकी की जान ले ली. गोलियों की आवाज सुनकर वो बाहर निकले तो फर्स पर उनके पिता खून से लथपथ पड़े थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फोन रिसीव करने के लिए ऑफिस के अंदर आने के कारण जीशान की जान बच गई.

मर्डर मामले में गिरफ्तारी जारी
बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. एक की पहचान हरियाणा निवासी गुरमेल बलजीत सिंह और दूसरे आरोपी की पहचान यूपी के धर्मराज राजेश कश्यप के रूप में हई है. वहीं गोलीबारी में शामिल तीसरा आरोपी फरार है. पुलिस ने एक और आरोपी प्रवीण लोनकर को भी गिरफ्तार किया. मुंबई पुलिस के मुताबिक प्रवीण शुभू लोनकर का भाई है जिसने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हत्या की जिम्मेदारी ली है. शुभू लोनकर अभी फरार है. पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों ने बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश रची थी और इस साजिश में कश्यप तथा शिवकुमार गौतम को शामिल किया था.

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Author: Pritish Sahay

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