Assam Floods : असम के शिवसागर जिले में 19 जुलाई को आई भीषण बाढ़ ने कुछ ही घंटों में कई गांवों को पानी में डुबो दिया. घर, दुकानें और सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि सैकड़ों लोग अपने घरों की छतों, मचान और पेड़ों पर फंस गए. ऐसे मुश्किल समय में गांव के कुछ लोगों ने सरकारी मदद का इंतजार नहीं किया. उन्होंने अपनी छह देसी नावों के सहारे पांच गांवों के 1,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया.
कुछ ही घंटों में बदल गए हालात
रेस्क्यू अभियान में शामिल चौहान चौधरी ने बताया कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. उन्होंने कहा, "हमने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा. हमारे पास सिर्फ छह नावें थीं. जिनके घर टूट गए थे या जो पानी में फंस गए थे, उन्हें नावों से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया. पांच गांवों से 1,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया."
पहले परिवार को बचाया, फिर लौटकर दूसरों की मदद की
रेस्क्यू टीम के सदस्य कनहैया चौधरी ने बताया कि पहले उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके बाद जब घर का सामान निकालने लौटे तो लगातार फोन आने लगे कि कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा, "फिर हमने सामान की नहीं, लोगों की जान बचाने की सोची और लगातार नाव लेकर निकल पड़े."
राजकुमार राजबीर ने बताया कि उनकी टीम रात एक बजे तक बिना खाना और पानी के लोगों को बचाने में जुटी रही. उन्होंने कहा कि रास्ते में किसी ने पानी पिला दिया, फिर अगली सुबह दोबारा रेस्क्यू शुरू कर दिया.
'अपनी जान चली जाती तो भी मंजूर था'
रेस्क्यू में शामिल मोहन चौधरी ने कहा, "हमें लगा कि हमारी जान भी जा सकती है, लेकिन उस समय लोगों को बचाना ज्यादा जरूरी था." वहीं मिथु चौधरी ने बताया कि 19 जुलाई की सुबह चार बजे से पानी बढ़ना शुरू हुआ और दोपहर तक उनके घर में घुस गया. उन्होंने पहले अपने परिवार को सुरक्षित निकाला और फिर दूसरे गांवों से मदद की कॉल आने पर लगातार लोगों को बचाने में जुट गए.
82 लोगों की जा चुकी है जान
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है. 31 जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक पांच जिलों के 1.92 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है.
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इस बीच कई संस्थाएं भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहत कार्यों में सहयोग के लिए रिलायंस फाउंडेशन की सराहना की है. फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 करोड़ रुपये का योगदान दिया है.
